जगदलपुर.

जगदलपुर में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए 15 नई एम्बुलेंस की सौगात दी गई है, महारानी अस्पताल से इन एम्बुलेंसों को विधिवत रवाना किया गया जिससे दूरस्थ क्षेत्रों तक त्वरित चिकित्सा सहायता पहुंच सकेगी, अब हर जिले में एडवांस लाइफ सपोर्ट एम्बुलेंस तैनात की जा रही हैं जिनमें वेंटिलेटर, कार्डियक मॉनिटर और डिफिब्रिलेटर जैसी सुविधाएं मौजूद हैं.

यह गाड़ियां चलते-फिरते आईसीयू की तरह काम करेंगी, कुल 69 एम्बुलेंस के नेटवर्क से एएलएस और बीएलएस के बीच बेहतर तालमेल बनेगा, गंभीर मरीजों को मौके पर ही प्राथमिक इलाज मिलने से गोल्डन ऑवर में जान बचाना आसान होगा, इससे निजी एम्बुलेंसों की मनमानी पर भी रोक लगेगी और ग्रामीणों को आर्थिक राहत मिलेगी, जनप्रतिनिधियों और स्वास्थ्य अधिकारियों ने इसे बस्तर के लिए जीवनदायिनी पहल बताया है, यह कदम स्वास्थ्य सेवाओं में क्रांतिकारी बदलाव लाने की दिशा में अहम माना जा रहा है.

16 नई एम्बुलेंस को शामिल
बिलासपुर। जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक मजबूत व प्रभावी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है. 108 एम्बुलेंस सेवा में 16 नई एम्बुलेंस को शामिल किया गया है. इन एम्बुलेंसों को बुधवार को जिला कलेक्टोरेट परिसर से विधिवत हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया. नई एम्बुलेंस के शामिल होने से जिले में आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं की पहुंच और गति दोनों में सुधार होने की उम्मीद जताई जा रही है.

मौके पर ही मिलेगा उन्नत इलाज
नई 16 एम्बुलेंस में से 3 एडवांस लाइफ सपोर्ट (एएलएस) प्रणाली से लैस हैं, जो किसी चलती-फिरती आईसीयू की तरह कार्य करेंगी. इनमें वेंटिलेटर, मॉनिटरिंग सिस्टम, ऑक्सीजन सपोर्ट, डिफिब्रिलेटर सहित अन्य जीवनरक्षक उपकरण उपलब्ध हैं. इससे गंभीर मरीजों को अस्पताल पहुंचने से पहले ही बेहतर प्राथमिक उपचार मिल सकेगा, जो कई मामलों में जीवनरक्षक साबित हो सकता है.

बस्तर में बढ़ी सुपर स्पेशियलिटी ताकत
जगदलपुर. जगदलपुर के कांटीनेंटल छत्तीसगढ़ सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल ने स्वास्थ्य सुविधाओं के क्षेत्र में नई शुरुआत करते हुए ऑर्थोपेडिक्स विभाग की पहली सर्जरी सफलतापूर्वक पूरी कर ली है, हिप जॉइंट ऑपरेशन के बाद मरीज की स्थिति में तेजी से सुधार ने यह संकेत दे दिया है कि अब बस्तर के मरीजों को बड़े शहरों की ओर भागने की जरूरत कम होगी. डॉ. पुष्पेंद्र राठौर की अगुवाई में यह उपलब्धि अस्पताल के लिए मील का पत्थर साबित हो रही है, अस्पताल में ऑर्थो, गैस्ट्रो, यूरो और न्यूरो की नियमित ओपीडी शुरू होने से मरीजों को एक ही छत के नीचे बेहतर इलाज मिल रहा है, प्रबंधन ने रियायती दरों पर सेवाएं देने की बात भी कही है जिससे आम लोगों को राहत मिलेगी, आने वाले समय में डायलिसिस सुविधा शुरू करने की तैयारी पूरी कर ली गई है.

नेफ्रोलॉजी विशेषज्ञों की नियुक्ति से गंभीर मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी, यह पहल बस्तर में स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है, अब क्षेत्र में इलाज की उपलब्धता और भरोसे दोनों में इजाफा हो रहा है, जिससे स्थानीय लोगों की निर्भरता बाहर के शहरों पर कम होगी.

By Admin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *