नारायणपुर.
नारायणपुर जिले के कोडिल्यार क्षेत्र से दुर्लभ जीव दिखने की खबर चर्चा में है। रात गश्त के दौरान जवानों ने लेपर्ड गेको का वीडियो रिकॉर्ड किया। विशेषज्ञ इसे जैव विविधता का सकारात्मक संकेत मान रहे हैं। ऐसी प्रजातियां उन्हीं क्षेत्रों में मिलती हैं जहां पर्यावरण संतुलित हो।
दुर्लभ छिपकली का रंग और बनावट इसे अलग पहचान देते हैं।अबूझमाड़ के जंगलों की समृद्धि एक बार फिर सामने आई है। लेकिन इसी क्षेत्र में विकास और खनन गतिविधियों की आहट भी है। ऐसे में संरक्षण बनाम विकास की बहस तेज हो सकती है। स्थानीय लोग पहले भी दुर्लभ जीव दिखने की बातें बताते रहे हैं। पहली बार फोटो और वीडियो सामने आने से चर्चा बढ़ी है। यह दृश्य बताता है कि प्रकृति अब भी जीवित है। अब सवाल है क्या हम इसे बचा पाएंगे?
सफलता की कहानी उद्यानिकी विभाग की योजना से बदली कमार कृषक की तकदीर खीरे की…
सेवा सहकारी समिति मुनुंद में पर्याप्त मात्रा में रासायनिक खाद उपलब्धता कालाबाजारी रोकने प्रशासन सतर्क…
सामाजिक अंकेक्षण के दौरान प्राप्त आपत्तियों का कंडिकावार शीघ्र निराकरण सनिश्चित करें-मुख्य सचिव मुख्य सचिव…
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल से किसानों को बड़ी राहत खरीफ 2026 में पूर्व वर्ष…
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लोकमाता अहिल्याबाई : राष्ट्र पुनरुत्थान की संकल्पना पुस्तक का किया विमोचन…
कोरिया. छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले के चर्चित नौगई ट्रिपल मर्डर मामले को लेकर जूदेव परिवार…