डोंगरगांव , डोंगरगांव की धर्मधरा उस समय भक्तिभाव, श्रद्धा से सराबोर हो गई जब आर्यिका मां 105 तपोमति माता ससंघ का भव्य मंगल प्रवेश नगर में हुआ। गुरु आदेशानुसार आयोजित इस मंगल प्रवेश में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता कर नगर को धर्ममय वातावरण से गुंजायमान कर दिया। संघ में आर्यिका मां 105 तपोमति माता, आर्यिका मां 105 नम्रमति माता, आर्यिका मां 105 विनम्रमति माता, आर्यिका मां 105 अतुलमति माता व आर्यिका मां 105 अनुगममति माता विराजमान हैं।
इनके साथ ब्रह्मचारिणी पिंकी दीदी, अंजना दीदी, दीप्ति दीदी का भी मंगल आगमन हुआ। श्रीदिगम्बर जैन पंचायत डोंगरगांव के अध्यक्ष सतीश लल्ली ने बताया कि यह चातुर्मास डोंगरगांव के लिए सौभाग्य व अनंत पुण्योदय का अवसर है। यह सब बड़े बाबा मूलनायक 1008 अजितनाथ भगवान की असीम कृपा, युगदृष्टा, समाधि सम्राट आचार्य 108 विद्यासागर जी महा मुनिराज की कृपावृष्टि तथा वर्तमान पट्टाचार्य आचार्य 108 समयसागर महा मुनिराज के आशीर्वाद का परिणाम है।
गुरुवरों की कृपा से ही डोंगरगांव को बार-बार संत-संघों के सान्निध्य का दुर्लभ सौभाग्य प्राप्त होता रहा है। इसके साथ ही मंगल प्रवेश यात्रा नगर पालिका से प्रारंभ होकर नगर के प्रमुख मार्गों से होती हुई कीर्ति स्तंभ के दर्शन करते हुए नगर भ्रमण के पश्चात श्रीदिगम्बर जैन मंदिर पहुंची, जहां माता ससंघ ने मंगल प्रवेश किया। संपूर्ण मार्ग श्रद्धालुओं की जय-जयकार, धर्म ध्वजाओं एवं भक्तिभाव से गुंजायमान रहा।
अमरकंटक से डोंगरगांव तक किया पदविहार मंगल प्रवेश यात्रा में छत्तीसगढ़ी पंथी नृत्य, राउत नाचा, आकर्षक बैंड, धुमाल म्यूजिक सेटअप, डीजे, बालिका मंडल की रैली, पाठशाला परिवार के बच्चों द्वारा आर्मी थीम पर प्रेरणादायी प्रस्तुति। संस्कार मंडल के द्वारा स्वागत नृत्य तथा चातुर्मास समिति, महिला मंडल का सहयोग आकर्षण का केंद्र रहा। अध्यक्ष लल्ली ने बताया कि अमरकंटक से डोंगरगांव तक आर्यिका संघ का संपूर्ण पदविहार श्रद्धा व समर्पण के साथ नवनीत भैया (झांसी, मध्यप्रदेश) द्वारा कराया गया। समर्पण भावना का अभिनंदन करता है।














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