राजनांदगांव , जिले में स्वच्छ एवं नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने के साथ-साथ आम नागरिकों को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने कार्य किया जा रहा है। डोंगरगढ़ विकासखंड की ग्राम पंचायत मुसराकला, अछोली, डोंगरगांव विकासखंड की ग्राम पंचायत अर्जुनी इस योजना के क्रियान्वयन से आत्मनिर्भरता की मिसाल बनकर उभरी हैं। इन ग्राम पंचायतों में बड़ी संख्या में ग्रामीण रूफटॉप सोलर संयंत्र लगाकर न केवल अपना बिजली बिल शून्य कर रहे हैं, बल्कि अतिरिक्त बिजली का उत्पादन कर ऊर्जा संरक्षण और आय अर्जित करने की दिशा में भी आगे बढ़ रहे हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों में सौर ऊर्जा केवल बिजली बचत का माध्यम नहीं, बल्कि भविष्य की आर्थिक सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण का साधन मान रहे हैं। जिले में अब तक योजना के अंतर्गत 8 हजार 871 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें से 4 हजार 317 हितग्राहियों के घरों में रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापित किए जा चुके हैं। 3 हजार 205 हितग्राहियों को शासन की ओर से सब्सिडी का लाभ प्राप्त हो चुका है तथा 1 हजार 155 परिवारों का बिजली बिल पूरी तरह शून्य हो गया है। शेष प्रकरणों में दस्तावेजों का सत्यापन, संयंत्र स्थापना एवं अन्य प्रक्रिया जारी है।
ग्राम सभा, पंचायत बैठकों में जानकारी दे रहे डोंगरगढ़ विकासखंड की ग्राम पंचायत मुसराकला में अब तक 29 घरों में रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापित किए जा चुके हैं। 10 आवेदन स्थापना की प्रक्रिया में हैं तथा 16 नए परिवारों ने भी योजना का लाभ लेने के लिए पंजीयन कराया है। ग्राम पंचायत की सरपंच गायत्री टेम्भुरकर ने बताया कि ग्राम पंचायत में ग्राम सभा, पंचायत बैठकों तथा व्यक्तिगत संपर्क के माध्यम से लगातार लोगों को योजना की जानकारी दी जा रही है, जिससे ग्रामीण बड़ी संख्या में योजना से जुड़ रहे हैं। सरपंच ने बताया कि वे स्वयं ने अप्रैल में अपने घर पर 3 किलोवॉट क्षमता का सोलर संयंत्र स्थापित कराया। पहले उनके घर का बिजली बिल लगभग 1200 रुपए प्रतिमाह आता था, लेकिन अब बिजली बिल पूरी तरह शून्य हो गया है।
आगे आय प्राप्त करने का अवसर मिलेगा ग्राम पंचायत अछोली में भी लगभग 50 घरों में सोलर संयंत्र स्थापित हो चुके हैं तथा 15 से अधिक नागरिकों ने पंजीयन कराया है। ग्राम पंचायत के सरपंच नंद कुमार साहू ने बताया कि पंचायत स्तर पर विशेष जागरूकता अभियान चलाकर बिजली विभाग, बैंक तथा संबंधित विभागों के अधिकारियों की उपस्थिति में शिविर आयोजित किए गए। इन शिविरों के माध्यम से ग्रामीणों को योजना की पूरी जानकारी दी गई, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। बताया कि पहले कई परिवारों का मासिक बिजली बिल 1000 रुपए से 2 हजार रुपए तक आता था, जबकि अब बिजली बिल शून्य होने के साथ-साथ अतिरिक्त बिजली ग्रिड में भेजकर भविष्य में आय प्राप्त करने का अवसर भी मिल रहा है।














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