राजनांदगांव : बदहाल फिल्टर प्लांट…18 में से 9 पंप खराब आरोप- ट्रीटमेंट में क्लोरीन का इस्तेमाल नहीं…

राजनांदगांव , शहर के दो लाख की आबादी को पीने का पानी देने वाले वाटर फिल्टर प्लांट की ​स्थिति चिंताजनक हो गई है। प्लांट में पानी के ट्रीटमेंट पर सवाल खड़े हो रहे हैं। वहीं मोटर पंप भी लगातार खराब हो रहे हैं। जिसका सीधा असर सप्लाई सिस्टम पर पड़ रहा हैं।

मोहारा में मौजूद फिल्टर प्लांट में 10 एमएलडी, 27 एमएलडी और 17 एमएलडी के तीन ट्रीटमेंट प्लांट मौजूद हैं। जिसमें से रोजाना साढ़े 4 करोड़ लीटर पानी पेयजल के लिए​ रिलीज किया जाता है। लेकिन प्लांट का संचालन निजी कंपनी को सौंपते ही यहां व्यवस्था बदहाल हो गई है। इन दिनों ​ट्रीटमेंट प्लांट में लगे 18 मे से 9 मोटर पंप खराब हैं। इसकी मरम्मत तक नहीं कराई जा रही है। इसका असर शहर की ओवरहेड टंकियों के भराव में पड़ रहा है। पंप खराब होने की वजह से समय पर टंकियां नहीं भर पा रही है। जिससे पेयजल आपूर्ति कमजोर पड़ गई है। वहीं बीते दिनों हुए क्लोरीन गैस लीकेज के बाद फिलहाल क्लोरीन का इस्तेमाल भी रोक दिया गया है। क्लोरीन के बिना ही पानी का ट्रीटमेंट किया जा रहा है। पानी की गुणवत्ता पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।

नेता प्रतिपक्ष ने शिकायत के बाद किया​ निरीक्षण शहर में गंदे पानी की आपूर्ति की शिकायत पर निगम के नेता प्रति पक्ष संतोष पिल्ले मोहारा ट्रीटमेंट प्लांट पहुंचे। उन्होंने प्लांट का​ निरीक्षण किया। मौजूदा स्थिति को उन्होंने दुर्भाग्यपूर्ण और चिंताजनक बताया। पिल्ले ने आरोप लगाया कि क्लोरीन की बजाए ब्लीचिंग पाउडर से ही पानी का ट्रीटमेंट किया जा रहा है। प्लांट में सिर्फ पांच दिन के लिए ही एलम का स्टॉक मौजूद है। शहर को साफ पानी तक नहीं ​िप​ला पा रहे हैं।

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मैं खुद ही कल प्लांट में ट्रीटमेंट का जायजा लूंगा ^मोटर पंप खराब हैं। लेकिन इसका असर सप्लाई सिस्टम पर नहीं पड़ रहा है। पर्याप्त मात्रा में पानी की आपूर्ति की जा रही है। क्लोरीन गैस लीकेज हुआ था। लेकिन दूसरे सिलेंडर से क्लोरीन का इस्तेमाल शुरु किया गया है। शिकायत है तो मैं खुद कल प्लांट में ट्रीटमेंट वर्क जायजा लूंगा। -जीआर मरकाम, आयुक्त ननि

इधर लंबे समय से शहर के कई हिस्सों में नलों से गंदे पानी की सप्लाई की शिकायत बनी हुई है। पानी के साथ मिट्‌टी के कण आ रहे हैं। जो बर्तन में लेयर के रुप में जम रहे हैं। वहीं पानी का रंग भी मटमैला बना हुआ है। जिससे इसके इस्तेमाल से लोग घबरा भी रहे हैं। हालाकि दूसरा विकल्प नहीं होने की वजह से लोग नलों से आ रहे गंदे पानी का इस्तेमाल करने मजबूर हैं। वहीं पंप खराब होने की वजह से कई हिस्सों में आपूर्ति भी कमजोर हो गई है।

वाटर फिल्टर प्लांट का संचालन एसएमसी इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रा.लि. ठाणे कर रहा है। गर्मी के दौरान भी यहां एलम खत्म होने की स्थिति बनी। जिसके बाद दो टाइम पूरे शहर में पेयजल आपूर्ति रोकी गई थी। तब भी कंपनी को नोटिस जारी किया गया। इसके बाद बीते दिनों सिलेंडर से क्लोरीन गैस लीकेज की घटना घटी। इस पर भी कंपनी को नोटिस दिया गया है।

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