पुलिसिंग में नवाचार से बढ़ रहा विश्वास, सुरक्षा और सुधार का संदेश

भोपाल 

मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा पुलिसिंग को अधिक संवेदनशील, मानवीय, सुधारात्मक एवं जनोन्मुखी बनाने के साथ-साथ बच्चों और आमजन में सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए विभिन्न जिलों में अभिनव पहल की जा रही हैं। इसी क्रम में बड़वानी, इंदौर और शाजापुर पुलिस द्वारा किए गए अभिनव प्रयास पुलिस के मानवीय एवं जनहितैषी स्वरूप को दर्शाते हैं।

बड़वानी में अभिनव पहल

पुलिस अधीक्षक बड़वानी पद्मविलोचन शुक्लके नेतृत्व में जिले के थानों की हवालातों को केवल निरुद्ध रखने के स्थान के रूप में न देखते हुएहवालात की दीवारों पर प्रेरक चित्रों एवं पिक्टोरियल ग्राफिक्स के माध्यम से अपराध से दूरी, आत्मचिंतन, सकारात्मक सोच और जीवन में बदलाव का संदेश दिया जा रहा है। महर्षि वाल्मीकि तथा महात्मा बुद्ध की प्रेरणादायी कहानियों को चित्रों के माध्यम से प्रस्तुत कर यह संदेश दिया गया है कि सही मार्गदर्शन और आत्मचिंतन से व्यक्ति अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकता है।

पुलिस द्वारा थानों में आने वाली महिलाओं और बच्चों की सुविधा को भी विशेष प्राथमिकता दी गई है। थाना परिसरों में ‘ऊर्जा महिला हेल्प डेस्क’एवं ‘वात्सल्य कक्ष’की व्यवस्था की गई है, ताकि महिलाओं एवं बच्चों को पुलिस थाने में सहज और सुरक्षित वातावरण मिल सके।स्तनपान कराने वाली माताओं के लिए पृथकफीडिंग रूम बनाया गया है। महिलाओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए निःशुल्कसेनेटरीपैडवेंडिंग मशीनकी सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है।

इसके अलावा थाने में आने वाले छोटे बच्चों के लिए भी विशेष ध्यान दिया गया है। बच्चों के लिएकॉमिक्स बुक्सउपलब्ध कराई गई हैं और उनके लिए मित्रवत वातावरण तैयार किया गया है। इसका उद्देश्य यह है कि पुलिस थाना बच्चों के मन में भय या असहजता का स्थान न बने, बल्कि वे पुलिस को सहयोग और सुरक्षा प्रदान करने वाली संस्था के रूप में देखें।

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इंदौर में ‘स्व-रक्षा बंधन’ से बच्चों को सुरक्षा का पाठ

इंदौर पुलिस द्वारा ‘स्व-रक्षा बंधन’ सुरक्षा जागरूकता पहलके अंतर्गत नन्हे विद्यार्थियों को कम उम्र से ही सुरक्षित यातायात व्यवहार की आदत विकसित करने के लिए जागरूक किया जा रहा है। लिटिल मिलेनियम स्कूल की 15 शाखाओं के लगभग 2,000 विद्यार्थियों और 5,000 अभिभावकोंतक सुरक्षा संदेश पहुंचाने के उद्देश्य से यातायात पुलिस के सहयोग से विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। एमआईजी एवं महालक्ष्मी नगर स्थित स्कूलों में आयोजित कार्यक्रम में यातायात पुलिस द्वारा बच्चों को सुरक्षित तरीके से सड़क पार करने, जेब्रा क्रॉसिंग के उपयोग, हेलमेट एवं सीट बेल्ट के महत्व तथा ट्रैफिक सिग्नल एवं सड़क संकेतों की जानकारी सरल एवं रोचक तरीके से दी गई। बच्चों को सड़क सुरक्षा से जुड़ी ‘गुड हैबिट्स’ और ‘बैडहैबिट्स’के बारे में भी समझाया गया, ताकि वे स्वयं सुरक्षित रहने के साथ अपने परिवार को भी यातायात नियमों के पालन के लिए प्रेरित कर सकें।

शाजापुर में महिला पुलिसकर्मियों की विशेष पेट्रोलिंग

आगामीरक्षाबंधन पर्वको देखते हुए महिला सुरक्षा एवं कानून-व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए शाजापुर पुलिस द्वारा विशेष महिला पेट्रोलिंग दल की शुरुआत की गई है। पुलिस अधीक्षकमती प्रियंका शुक्लाकी पहल पर लगभग 25 महिला पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारियोंको शहर के प्रमुख एवं संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष पेट्रोलिंग के लिए तैनात किया गया है।इस पहल का उद्देश्य बाजारों एवं सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ-साथ असामाजिक तत्वों पर निगरानी रखना तथा महिलाओं एवं आमजन में सुरक्षा की भावना को मजबूत करना है।

मानवीय और सुधारात्मकपुलिसिंग की ओर बढ़ता कदम

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पुलिसिंग केवल अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था तक सीमित नहीं है, बल्किसुधार, संवेदनशीलता, संवाद, जागरूकता और सुरक्षाभी उसका महत्वपूर्ण हिस्सा है। बड़वानी में निरुद्ध व्यक्तियों को सकारात्मक जीवन की ओर प्रेरित किया जा रहा है, इंदौर में बच्चों को सुरक्षित यातायात व्यवहार सिखाया जा रहा है और शाजापुर में महिला पुलिसकर्मियों की विशेष पेट्रोलिंग के माध्यम से महिलाओं की सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई है।

मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा ऐसे नवाचारों के माध्यम सेपुलिस और समाज के बीच विश्वास को मजबूत करने, सुरक्षा की भावना बढ़ाने तथा ‘देशभक्ति–जनसेवा’के मूल भाव को और प्रभावी बनाने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।

 

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