CG : दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना से महिलाएं बनीं आत्मनिर्भर …

CG : दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना से महिलाएं बनीं आत्मनिर्भर …

रायपुर: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सुशासन में श्रम विभाग द्वारा संचालित दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना, महिलाओं के जीवन में सामाजिक और आर्थिक बदलाव की नई इबारत लिख रही है। बालोद जिले के ग्राम झलमला की सेवती ठाकुर और ग्राम सिवनी की अंजू नेताम इस योजना का लाभ लेकर न केवल आत्मनिर्भर बनी हैं, बल्कि अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन रही हैं। ग्राम झलमला निवासी सेवती ठाकुर श्रम विभाग में पंजीकृत हैं और स्व-सहायता समूह से जुड़कर कैंटीन का संचालन करती हैं। उन्होंने बताया कि पहले कैंटीन के लिए कच्चा माल और खाद्य सामग्रियां बाजार से लाने में काफी दिक्कतों और भारी किराये का सामना करना पड़ता था। दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना के तहत आर्थिक अनुदान और बैंक ऋण के सहयोग से उन्होंने ई-रिक्शा खरीदा। अब वे स्वयं परिवहन की जिम्मेदारी संभाल रही हैं, जिससे प्रतिदिन के किराये की बचत हो रही है और समूह के मुनाफे में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है। सेवती ठाकुर कहती हैं कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय हम महिलाओं के लिए बड़े भाई की तरह संबल बनकर खड़े हैं। इस मदद के लिए हम अपने विष्णु भैया का दिल से आभार व्यक्त करते हैं।

ग्राम सिवनी की अंजू नेताम पहले एक सामान्य गृहिणी थीं। योजना के तहत ई-रिक्शा मिलने के बाद उन्होंने इसे स्वरोजगार का जरिया बनाया। अब वे गांव के स्कूली बच्चों को घर से स्कूल पहुंचाने और ले आने के साथ अन्य स्थानीय परिवहन सेवाएं देती हैं। इस कार्य से उन्हें प्रतिमाह लगभग 10 से 12 हजार रुपए की शुद्ध आमदनी हो रही है, जिससे उनके परिवार की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हुई है। अंजू ने बताया कि उन्हें महतारी वंदन योजना का भी नियमित लाभ मिल रहा है। महिला सशक्तिकरण की इन योजनाओं ने उनके भीतर नया आत्मविश्वास जगाया है। इन महिलाओं को परिवार की आर्थिक धुरी बना दिया है, जिससे समाज में उनके सम्मान और स्वावलंबन को नई दिशा मिली है।

See also  CG में लगातार बारिश से उफान पर इंद्रावती नदी, दर्जनों गांवों का टूटा संपर्क

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *