राजनांदगांव। प्रधानमंत्री मत्स्य कृषक समृद्धि योजना के तहत केन्द्र एवं राज्य शासन द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं का लाभ प्राप्त करने एनएफडीपी पर पंजीयन अनिवार्य किया गया है। मछली पालन, मत्स्याखेट एवं मछली विक्रय के व्यवसाय से जुड़े सभी व्यक्ति च्वाईस सेंटर के माध्यम से एनएफडीपी पर पंजीयन करा सकते है। यदि किसी परिवार के एक से अधिक सदस्य मत्स्य पालन कार्य में संलग्न हैं, तो प्रत्येक सदस्य का व्यक्तिगत रूप से पंजीयन किया जाएगा। पंजीयन एवं मत्स्य विभाग द्वारा सत्यापन की प्रक्रिया पूर्ण होने के पश्चात हितग्राही के बैंक खाते में 80 रूपए की राशि प्राप्त होगी। कॉमन सर्विस सेंटर को प्रत्येक पंजीयन एंट्री पर 18 रूपए कमीशन प्राप्त होगा। एनएफडीपी पर पंजीयन के लिए मत्स्य कृषकों को आधार कार्ड, बैंक पासबुक तथा आधार से लिंक मोबाइल नंबर साथ रखना होगा। पंजीयन के दौरान मोबाइल नंबर पर प्राप्त ओटीपी भी आवश्यक होगा। पंजीयन के बाद प्रारंभिक रूप से अस्थायी प्रमाण पत्र प्राप्त होगा। मत्स्य विभाग द्वारा सत्यापन की प्रक्रिया पूर्ण होने के पश्चात हितग्राही को स्थायी प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा।
सहायक संचालक मछलीपालन ने बताया कि एनएफडीपी का मुख्य उद्देश्य मत्स्य पालकों, मत्स्य पालन समूहों एवं मत्स्य समितियों का कार्य आधारित पहचान डाटाबेस तैयार करना तथा इसके माध्यम से भारतीय मत्स्य पालन क्षेत्र को औपचारिक रूप प्रदान करना है। एनएफडीपी पर पंजीयन के माध्यम से मत्स्य पालन से जुड़े हितग्राहियों को शासन की विभिन्न योजनाओं एवं सुविधाओं का लाभ प्राप्त करने में सुविधा होगी। उन्होंने बताया कि आपदा के कारण होने वाले नुकसान से बचाव के लिए जलीय कृषि बीमा योजना अंतर्गत संचित मछलियों का बीमा किया जाता है। इसी प्रकार मत्स्य पालन में नवीनतम तकनीक एवं आधारभूत संरचना विकास के लिए एफआईडीएफ के तहत 3 प्रतिशत ब्याज दर पर ऋण की सुविधा उपलब्ध है। इन योजनाओं सहित प्रधानमंत्री मत्स्य कृषक समृद्धि योजना अंतर्गत संचालित विभिन्न योजनाओं का लाभ लेने के लिए एनएफडीपी पर पंजीयन आवश्यक होगा।
राजनांदगांव : प्रधानमंत्री मत्स्य कृषक समृद्धि योजना के तहत केन्द्र एवं राज्य शासन द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं का लाभ प्राप्त करने एनएफडीपी पर पंजीयन अनिवार्य








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