रायगढ़। जिले में फरार आरोपियों की धरपकड़ के लिए चलाए जा रहे ऑपरेशन क्लीन हंट के तहत घरघोड़ा पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने हत्या के प्रयास के मामले में करीब दो महीने से फरार चल रहे आरोपी रूपधर राठिया (47) को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी ग्राम चिमटापानी का रहने वाला है। पुलिस ने उसे 4 सितंबर 2026 को उसके गांव से गिरफ्तार किया। आरोपी के कब्जे से घटना में इस्तेमाल किया गया लोहे का टांगा भी बरामद किया गया है। गिरफ्तारी के बाद उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। पुलिस के मुताबिक, यह कार्रवाई एसएसपी शशि मोहन सिंह के दिशा-निर्देशन और वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में की गई। मामला घर के बंटवारे को लेकर हुए विवाद से जुड़ा है। आरोपी पर अपने ही बड़े भाई के सिर और चेहरे पर लोहे के टांगा से जानलेवा हमला करने का आरोप है।
घर के बंटवारे को लेकर चल रहा था विवाद मामले में प्रार्थी और आहत महेत राम राठिया (50), निवासी ग्राम चिमटापानी ने 4 जुलाई 2026 को थाना घरघोड़ा में शिकायत दर्ज कराई थी। उसने पुलिस को बताया कि वह तीन भाइयों में सबसे बड़ा है। छोटे भाई रूपधर राठिया और मंझले भाई पुनीराम राठिया के साथ घर को लेकर विवाद चल रहा था। आरोप है कि रूपधर मकान को अपना बताते हुए परिवार के सदस्यों को घर से बाहर निकलने की धमकी देता था। शिकायत के अनुसार, 22 जून 2026 की शाम महेत राम अपने पिता गाडाराय राठिया और छोटे भाई रूपधर के साथ घर की परछी में बातचीत कर रहा था। इसी दौरान घर से बाहर निकलने की बात को लेकर दोनों भाइयों के बीच विवाद हो गया। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और रूपधर ने कथित तौर पर गाली-गलौज करते हुए हाथ में रखे लोहे के टांगा से अपने बड़े भाई महेत राम पर हमला कर दिया।
हमले में महेत राम के सिर, सिर के पीछे और बाईं आंख के पास गंभीर चोटें आईं। घटना के बाद आसपास के ग्रामीणों ने बीच-बचाव कर घायल को बचाया। डायल-112 की मदद से उसे घरघोड़ा अस्पताल पहुंचाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर हालत को देखते हुए उसे मेडिकल कॉलेज रायगढ़ रेफर किया गया, जहां उसका इलाज कराया गया। मेडिकल रिपोर्ट के बाद बढ़ाई गई धारा प्रार्थी की शिकायत पर घरघोड़ा थाने में अपराध क्रमांक 216/2026 दर्ज कर धारा 296, 351(3) और 115(2) बीएनएस के तहत जांच शुरू की गई। विवेचना के दौरान पुलिस ने प्रार्थी और गवाहों के बयान दर्ज किए। घायल की मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर मामले में हत्या के प्रयास से संबंधित धारा 109(2) बीएनएस भी जोड़ी गई। घटना के बाद आरोपी रूपधर लगातार फरार चल रहा था। पुलिस उसकी तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही थी और मुखबिरों को भी सक्रिय किया गया था।
गांव लौटते ही पुलिस ने दबोचा एसडीओपी धरमजयगढ़ सिद्धांत तिवारी के निर्देश पर थाना प्रभारी घरघोड़ा निरीक्षक कुमार गौरव ने आरोपी के गांव में मुखबिर तैनात किए थे। 4 सितंबर को पुलिस को सूचना मिली कि रूपधर राठिया अपने गांव चिमटापानी वापस आया हुआ है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तत्काल घेराबंदी कर आरोपी को हिरासत में ले लिया। पूछताछ में आरोपी ने घटना में शामिल होना स्वीकार किया। पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने बताया कि वारदात के बाद वह कमाने-खाने के लिए बाहर चला गया था। आरोपी के मेमोरेंडम कथन के आधार पर पुलिस ने घटना में इस्तेमाल लोहे का टांगा बरामद कर जब्त कर लिया। इसके बाद पुलिस ने आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक कुमार गौरव साहू, एएसआई डेविड टोप्पो और आरक्षक प्रदीप तिग्गा की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
















Leave a Reply