’छात्रों और नागरिकों की सुरक्षा सर्वाेच्च प्राथमिकता, हॉस्टल, पीजी, कोचिंग सेंटर, स्कूल एवं बड़े शैक्षणिक भवनों का कराएं तत्काल निरीक्षण एवं सेफ्टी ऑडिट’
’अवैध एवं मिलावटी शराब के विरुद्ध संयुक्त अभियान चलाने तथा सीमावर्ती क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने के निर्देश’
कोरिया , मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में दिए गए निर्देशों के परिपालन में कलेक्टर रोक्तिमा यादव ने जिले के अधिकारियों को सुरक्षा व्यवस्था को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों और नागरिकों की सुरक्षा शासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। किसी अप्रिय घटना का इंतजार करने के बजाय संभावित जोखिमों की पहले से पहचान कर समय रहते आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
कलेक्टर यादव ने जिले के सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि हॉस्टल, पीजी, कोचिंग सेंटर, स्कूल, छात्रावास, आंगनवाड़ी, स्वास्थ्य केंद्रों तथा बड़े शैक्षणिक भवनों का तत्काल निरीक्षण कर सेफ्टी ऑडिट कराया जाए। निरीक्षण के दौरान भवन की संरचनात्मक स्थिति, अग्नि सुरक्षा व्यवस्था, विद्युत सुरक्षा, निकासी मार्ग सहित विद्यार्थियों एवं नागरिकों की सुरक्षा से जुड़े सभी आवश्यक मानकों की जांच की जाए।
उन्होंने कहा कि जिन भवनों की स्थिति जर्जर अथवा जोखिमपूर्ण पाई जाती है, उनकी वास्तविक स्थिति का आकलन कर तत्काल आवश्यक कार्रवाई की जाए। ऐसे भवनों में बच्चों, विद्यार्थियों अथवा नागरिकों की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए। सुरक्षा मानकों में कमी पाए जाने पर निर्धारित समय-सीमा में सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
’घटना के बाद कार्रवाई नहीं, पहले से जोखिम की पहचान जरूरी’
कलेक्टर ने अधिकारियों से कहा कि कार्यप्रणाली ऐसी होनी चाहिए जिसमें संभावित खतरों की समय रहते पहचान हो और दुर्घटना की आशंका को पहले ही समाप्त किया जा सके। उन्होंने संबंधित विभागों को अपने-अपने क्षेत्र में नियमित निरीक्षण एवं निगरानी की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि विद्यार्थियों से जुड़े संस्थानों, छात्रावासों एवं सार्वजनिक भवनों की सुरक्षा में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। निरीक्षण में सामने आने वाली कमियों को केवल चिन्हित करने के बजाय उनके निराकरण की भी नियमित समीक्षा की जाए।
’अवैध एवं मिलावटी शराब के विरुद्ध संयुक्त कार्रवाई के निर्देश’
कलेक्टर रोक्तिमा यादव ने जिले में अवैध एवं मिलावटी शराब के निर्माण, बिक्री, भंडारण और परिवहन के विरुद्ध प्रभावी अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने आबकारी विभाग, पुलिस तथा जिला प्रशासन को आपसी समन्वय के साथ कार्रवाई करने कहा।
उन्होंने निर्देशित किया कि अवैध शराब के निर्माण अथवा बिक्री की सूचना मिलने पर संबंधित विभाग तत्काल कार्रवाई करें तथा संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित जांच एवं निगरानी बढ़ाई जाए। अवैध शराब के कारोबार में संलिप्त पाए जाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
’सीमावर्ती क्षेत्रों एवं परिवहन मार्गों पर बढ़ाएं निगरानी’
कलेक्टर ने दूसरे राज्यों से जिले में अवैध शराब की संभावित आवक को रोकने के लिए सीमावर्ती क्षेत्रों तथा प्रमुख परिवहन मार्गों पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए। पुलिस एवं आबकारी विभाग को आपसी समन्वय से संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने तथा आवश्यकतानुसार संयुक्त जांच एवं कार्रवाई करने कहा गया।
’लापरवाही पर तय होगी जवाबदेही’
कलेक्टर यादव ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि शासन के निर्देशों के पालन में किसी भी स्तर पर लापरवाही अथवा उदासीनता पाए जाने पर संबंधित अधिकारी-कर्मचारी की जवाबदेही तय की जाएगी। उन्होंने कहा कि सुरक्षा से जुड़े मामलों में तत्परता, सतत निगरानी और समय पर कार्रवाई ही प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशों का तत्काल पालन सुनिश्चित करते हुए की गई कार्रवाई की नियमित समीक्षा एवं रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।














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