राजनांदगांव , डिग्री के साथ यदि संवाद करना, टीम के साथ काम करना, समस्या का समाधान खोजना और इंटरव्यू में खुद को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना आता है तो रोजगार की तैयारी और मजबूत होती है। इसी सोच के साथ दिग्विजय कॉलेज में विद्यार्थियों के लिए आयोजित सात दिवसीय एम्प्लॉयबिलिटी स्किल्स ट्रेनिंग वर्कशॉप का समापन हुआ। 15 से 22 सितंबर तक न्यू हॉल (गजानन माधव मुक्तिबोध हॉल) में चले प्रशिक्षण में विद्यार्थियों को रोजगारोन्मुखी कौशलों के साथ व्यक्तित्व विकास और नेतृत्व क्षमता का प्रशिक्षण दिया गया।
कार्यशाला का आयोजन प्राचार्य डॉ. सुचित्रा गुप्ता के निर्देशन में रोजगार एवं मार्गदर्शन सेल, कौशल विकास एवं प्रशिक्षण सेल, प्राणीशास्त्र विभाग, नांदी फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। प्रशिक्षण में विद्यार्थियों को कम्युनिकेशन स्किल, कॉन्फिडेंस बिल्डिंग, टीमवर्क, क्रिटिकल थिंकिंग, समस्या समाधान, इंटरव्यू स्किल्स, प्रोफेशनल कम्युनिकेशन, भावनात्मक बुद्धिमत्ता और नेतृत्व क्षमता जैसे विषयों पर प्रशिक्षण दिया गया। विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। विद्यार्थियों ने अपने अनुभव साझा किए। प्रशिक्षण को व्यक्तित्व विकास और भविष्य की रोजगार में उपयोगी बताया। संचालन डॉ. जागृति चंद्राकर ने, आभार डॉ. माजिद अली ने किया। प्रो. सोनल मिश्रा, करुणा रावटे, सहित विद्यार्थी मौजूद रहे।
सिर्फ डिग्री ही नहीं, आज के समय में कौशल जरूरी प्राचार्य डॉ. सुचित्रा गुप्ता ने कहा कि प्रतिस्पर्धा के इस दौर में केवल ज्ञान पर्याप्त नहीं है। ज्ञान के साथ कौशल होना भी जरूरी है, जिससे विद्यार्थी खुद को प्रभावी तरीके से प्रस्तुत कर सकें। उन्होंने अनुशासन, लगन, निष्ठा और निरंतर ज्ञान अर्जित करने को व्यक्तित्व विकास का आधार बताया। जनभागीदारी अध्यक्ष अतुल रायजादा ने कहा कि ऐसी कार्यशालाएं विद्यार्थियों को रोजगार के लिए तैयार करने में भूमिका निभाती हैं। आत्मविश्वास, टीमवर्क, समय-सीमा में कार्य पूरा करना बताया।
बेहतर भविष्य के लिए स्किल का महत्व बताया फ्लाईहाई करियर सॉल्यूशंस, राजनांदगांव की संस्थापक निदेशक रुचिका कोटडिया ने कहा बेहतर भविष्य के लिए डिग्री के साथ स्किल डेवलपमेंट पर भी ध्यान देना जरूरी है। सात दिनों में इन कौशलों पर प्रशिक्षण में संचार एवं प्रोफेशनल कम्युनिकेशन की जानकारी दी। आत्मविश्वास निर्माण, टीमवर्क एवं सहयोग, क्रिटिकल थिंकिंग व समस्या का समाधान, इंटरव्यू स्किल्स, भावनात्मक बुद्धिमत्ता, नेतृत्व क्षमता,भविष्य के लक्ष्यों को व्यवस्थित तरीके से तय करने का रोडमैप तैयार करना बताया गया।

















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