भोपाल GMC में रोबोटिक सर्जरी पर विशेष सत्र, जल्द हमीदिया अस्पताल में शुरू होगी सुविधा

भोपाल
 गांधी चिकित्सा महाविद्यालय (जीएमसी) में रोबोटिक सर्जरी को लेकर एक विशेष सत्र आयोजित किया गया। इसका उद्देश्य डॉक्टरों और पीजी विद्यार्थियों को आधुनिक शल्य चिकित्सा तकनीक की जानकारी देना था। इस दौरान विशेषज्ञों ने रोबोटिक सर्जरी की कार्यप्रणाली और इसके व्यावहारिक उपयोग के बारे में बताया। साथ ही, आने वाले समय में हमीदिया अस्पताल में यह सुविधा शुरू होने की उम्मीद जताई गई।

डीन डॉ. कविता एन. सिंह के नेतृत्व में हुआ आयोजन
गांधी चिकित्सा महाविद्यालय में आयोजित इस सत्र का नेतृत्व डीन डॉ. कविता एन. सिंह ने किया। इसमें सर्जरी और प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग के पीजी विद्यार्थियों और चिकित्सकों ने हिस्सा लिया। विशेषज्ञों ने उन्हें रोबोटिक सर्जरी की तकनीक, काम करने के तरीके और प्रशिक्षण की संभावनाओं के बारे में जानकारी दी।

डॉक्टरों और विद्यार्थियों ने समझी नई तकनीक
सत्र के दौरान प्रतिभागियों ने रोबोटिक सर्जरी से जुड़ी तकनीकी बारीकियों को समझा। डॉ. अरविंद राय, डॉ. रामोले, डॉ. धीरज श्रीवास्तव, डॉ. सोना सोनी, डॉ. जूही और डॉ. पूर्वा सहित कई पीजी विद्यार्थियों ने इस तकनीक में रुचि दिखाई।

क्या है रोबोटिक सर्जरी?
रोबोटिक सर्जरी आधुनिक शल्य चिकित्सा की एक तकनीक है। इसमें विशेष उपकरणों और रोबोटिक प्रणाली की मदद से डॉक्टर ऑपरेशन करते हैं। इस तकनीक के लिए चिकित्सकों को विशेष प्रशिक्षण की जरूरत होती है। इसका उद्देश्य डॉक्टरों को सर्जरी के नए तरीकों से परिचित कराना और आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के इस्तेमाल के लिए तैयार करना है।

हमीदिया अस्पताल में सुविधा शुरू होने की उम्मीद
आयोजक दल ने गांधी चिकित्सा महाविद्यालय और हमीदिया अस्पताल के सहयोग की सराहना की। साथ ही उम्मीद जताई कि आने वाले समय में संस्थान में रोबोटिक सर्जरी प्रणाली उपलब्ध हो सकेगी। हालांकि, इसकी शुरुआत की कोई निश्चित तारीख घोषित नहीं की गई है।

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चिकित्सा शिक्षा को मिलेगा बढ़ावा
रोबोटिक सर्जरी प्रणाली उपलब्ध होने पर पीजी विद्यार्थियों और डॉक्टरों को आधुनिक शल्य चिकित्सा तकनीक सीखने के नए अवसर मिल सकते हैं। इससे संस्थान में प्रशिक्षण और उन्नत सर्जरी सेवाओं के विस्तार की संभावनाएं भी बढ़ेंगी। इस पहल को जीएमसी में आधुनिक चिकित्सा तकनीकों की जानकारी बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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