CG : पापांकुशा एकादशी के दिन जरूर करें इन चीजों का दान …

CG : पापांकुशा एकादशी के दिन जरूर करें इन चीजों का दान …

-पंडित यशवर्धन पुरोहित
पापांकुशा एकादशी का व्रत इस साल 22 अक्टूबर, गुरुवार को रखा जाएगा। पद्म पुराण में आश्विन शुक्ल एकादशी पर व्रत, श्रीहरि की पूजा और दान का विशेष महत्व बताया गया है। कहते हैं कि इस दिन श्रद्धाभाव के साथ तिल, अन्न सहित कुछ चीजों का दान करने से मनुष्य का तन-मन दोनों स्वस्थ रहता है। तो चलिए विस्तार से जानें पापांकुशा एकादशी के दान।

आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को पापांकुशा एकादशी का व्रत किया जाता है। पद्म पुराण में भी इस व्रत का महात्म्य बताया गया है। कहते हैं कि इस एकादशी का व्रत करने से यमराज को नहीं देखना पड़ता है और मनुष्य के लिए मोक्ष के द्वार खुलते हैं। ऐसे में पापांकुशा एकादशी का व्रत और श्रीहरि की पूजा विधि पूर्वक करने के साथ-साथ इस दिन तिल, अन्न सहित कुछ विशेष चीजों का दान भी अवश्य करना चाहिए। मान्यता है कि श्रद्धा पूर्वक व्रत, पूजा और दान करने से अत्यंत शुभ फल प्राप्त होता है और जीवन में सुख-समृद्धि के संयोग बन सकते हैं। ऐसे में आइए विस्तार से जानें पद्म पुराण में वर्णित पापांकुशा एकादशी के दान।

तिल का दान करें
एकादशी तिथि पर तिल के दान का विशेष महत्व बताया गया है। ऐसे में आप पापाकुंशा एकादशी तिथि पर अपने सामर्थ्य अनुसार, किसी जरूरतमंद व्यक्ति को तिल का दान कर सकते हैं। मान्यता है कि ऐसा करने से अत्यंत शुभ फल की प्राप्ति होती है और कार्यों में आ रही बाधाएं कम होने के संयोग बनते हैं। साथ ही, शास्त्रों में भी एकादशी पर तिल के दान का बहुत फलदायी बताया गया है।

See also  राजनांदगांव : तहसील अधिवक्ता संघ की कार्यकारिणी निरस्त...

एकादशी पर अन्न करें दान
शास्त्रों और पुराणों में अन्न दान को महादान बताया गया है। ऐसे में आप पापाकुंशा एकादशी पर व्रत करने के साथ-साथ किसी जरूरतमंद व्यक्ति को सामर्थ्य अनुसार अन्न का दान कर सकते हैं। इस दिन 7 प्रकार के अनाज का दान करना बहुत शुभ माना जाता है। इसके अलावा, असहाय व्यक्ति को भोजन कराना भी अत्यंत पुण्य कार्य माना जाता है। कहते हैं कि अन्न दान करने से कभी भी घर में अन्न का भंडार खाली नहीं रहता है

जूते और छाते का करें दान
पद्म पुराण के अनुसार, एकादशी तिथि पर जूते और छाते का दान करना बहुत शुभ फलदायी होता है। ऐसे में मौसम को ध्यान में रखते हुए किसी जरूरतमंद को जूते अथवा छाते का दान कर सकते हैं। श्रद्धा भाव और मन में श्रीहरि का स्मरण करके इस दान को करने से जातक को भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त हो सकती है। साथ ही, जीवन में सुख-समृद्धि के संयोग बनते हैं।

जल और जल पात्र का दान
एकादशी के दिन जल का दान करना बहुत शुभ माना जाता है। अन्न के प्रकार इसे भी महादान बताया गया है। पापाकुंशा एकादशी के दिन आप किसी जरूरतमंद को जल से भरा पात्र दान कर सकते हैं। इसके अलावा, सामर्थ्य अनुसार किसी स्थान पर जल की व्यवस्था भी कर सकते हैं। साथ ही, पशु-पक्षियों के लिए अन्न-जल की व्यवस्था करना भी लाभदायक माना जाता है। मान्यता है कि ऐसा करने से सौभाग्य में वृद्धि हो सकती है।

सुवर्ण अथवा भूमि का दान
यदि संभव हो तो आप पापांकुशा एकादशी के दिन सुवर्ण अथवा भूमि का दान भी कर सकते हैं। पद्म पुराण में इस दान को बहुत पुण्यकारी बताया गया है। हालांकि, आज के समय में सोने के दाम आसमान छू रहे हैं। ऐसी स्थिति में आप अपने सामर्थ्य अनुसार गेहूं या जौ का दान कर सकते हैं। मान्यता है कि इन दोनों में से किसी भी वस्तु के दान से स्वर्ण दान के समान ही फल की प्राप्ति होती है।

See also  संत रविदास सम्मान हेतु प्रविष्टियां आमंत्रित

पद्म पुराण के अनुसार, जो भी व्यक्ति पापाकुंशा एकादशी के दिन सुवर्ण, तिल, भूमि, गौ, अन्न, जल, जूते और छाते का दान करता है, उसे कभी भी यमराज को नहीं देखना पड़ता है। साथ ही, इस जातक के लिए स्वर्ग और मोक्ष के द्वार खुल सकते है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *