छत्तीसगढ़

कमला कॉलेज में गांधी जयंती पर ऑनलाईन संगोष्ठी का आयोजन

राजनांदगांव। शासकीय कमलादेवी राठी स्नातकोत्तर महिला महाविद्यालय, राजनांदगांव में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जयंती के अवसर पर ‘कोरोना काल में महात्मा गांधी एवं पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री जी के विचारों की प्रंासगिकता‘ के विषय पर संस्था प्राचार्य डॉ. सुमन सिंह बघेल के मुख्य निर्देशन में ऑनलाईन गूगल मीट पर विचार संगोष्ठी का आयोजन किया गया।
महाविद्यालय की छात्रा नम्रता वर्मा द्वारा गांधी जी के लोकप्रिय भजन ‘वैष्णव जन तो तेने कहिए‘ से कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। तत्पश्चात उद्बोधन की श्रृंखला में सर्वप्रथम कु. पूनम धमगाये द्वारा ‘मद्य निषेध’ पर एक संभाषण प्रस्तुत किया गया।
महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. सुमन सिंह बघेल से अपने उद्बोधन में कहा कि गांधी जी का पूरा जीवन संघर्षपूर्ण रहा है, लेकिन उन्होंने कभी भी हिम्मत नहीं हारी। वर्तमान में जो करोना संक्रमण एवं प्रतिबंधों एवं हिदायतों का दौर चल रहा है तो हमें गांधी जी एवं शास्त्री जी से प्रेरणा लेकर जीवन को सादगीपूर्ण एवं सरल बनाने का प्रयास करना चाहिए, जिससे कि हमें प्रतिबंधों एवं असुविधाओं के कष्ट का आभास न हो। गांधी दर्शन वर्तमान समय में सर्वाधिक प्रासंगिक है।
राजनीति विज्ञान की विभागाध्यक्ष एवं कार्यक्रम प्रभारी कु. आबेदा बेगम ने कहा कि गांधी जी की स्वराज की संकल्पना और स्वच्छता संदेश आज हमारे देश की प्राथमिकता होनी चाहिए, क्योंकि निश्चित रूप से इसका अनुपालन करके ही हम आदर्श भारत के सपने को साकार कर सकेंगे तथा भारत विश्व गुरू के रूप पूरी में दुनिया का मार्ग प्रशस्त कर सकेगा।
महाविद्यालय के प्राध्यापक कृष्ण कुमार द्विवेदी ने संगोष्ठी में अपने विचार रखते हुए कहा कि गांधी जी का जीवन ही उनका संदेश है। पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता, स्वदेशी, शाकाहार तथा मद्य निषेध संबंधी गांधी जी के जो संदेश है विचार आज की परिस्थितियों में सर्वाधिक प्रासंगिक प्रतीत होते है। युवा पीढ़ी के व्यक्तित्व कृतित्व के विनाश का मूल कारण नशा के आदी होना है। इस पर प्रभावी नियंत्रण करना आवश्यक है। शास्त्री जी की सादगी संदेश को प्रबुद्ध व नेतृत्वकर्ता पीढ़ी को आत्म सात करना भी आवश्यक है।
महाविद्यालय की स्वीप प्रभारी डॉ. सुषमा तिवारी ने अपने वक्तव्य में कहा कि गांधी जी एवं शास्त्री जी पूरे विश्व के प्रेरणाश्रोत रहे हैं, विशेष रूप से गांधी जी का लघु एवं कुटीर उद्योग तथा ग्रामोदय को लेकर जो नजरिया रहा है, निःसंदेह उसे अमल में लाकर हम आत्मनिर्भर भारत को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में अग्रसर होंगे।

राष्ट्रीय सेवा योजना की कार्यक्रम अधिकारी श्रीमती रामकुमारी धुर्वा द्वारा सभी प्रतिभागियों के प्रति आभार प्रकट किया गया। कार्यक्रम का संचालन मनोविज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष रेडक्रास के प्रभारी प्राध्यापक डॉ. बसंत कुमार सोनबेर द्वारा किया गया। महाविद्यालय के समस्त प्राध्यापकगण एवं रासेयो, एनसीसी व रेडक्रास की प्रमुख छात्राएं विशेष रूप से उपस्थित रहें।

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