भाजपा पार्षद की छोटी मानसिकता- महत्वपूर्ण आयोजन को कह रहे है फिजूल खर्ची

भाजपा कार्यकाल में हर सप्ताह लगती थी मस्ती की पाठशाला,अब साल में दो दिन के (पुष्प) प्रकृति का एक्जीविशन इतना क्यों खटक रहा

राजनाँदगाँव:-नगर निगम द्वारा आयोजित दो दिवसीय फूल महोत्सव को ले कर भाजपा पार्षद ने आयोजन के महत्व को समझे बिना ही बयान जारी कर आयोजन को फिजूल खर्ची बताया जिसको लेकर पार्षद दल के प्रवक्त ऋषि शास्त्री अपना पक्ष रखते हुए कहा है कि निगम एवं जन सहयोग से पुष्प महोत्सव का आयोजन रखा गया है लगभग 10 माह कोरोना काल अपना विष भरा रूप लिए पूरे देश मे फैला चुका था हाल ही में कोरोना की वैक्सीन आने के बाद हालात काबू हुए है ऐसे में लोगो के मन मे यह जिज्ञासा है कि अपने परिवार को मनोरंजन से जोड़ आस पास विचरण कर समय बिताते हुए मन को राहत पहुचाई जाए ऐसे समय मे नगर निगम ने दो दिवसीय पुष्प महोत्सव का आयोजन रख लोगो की जिज्ञासा अनुरूप यह आयोजन रखा है यह आयोजन का मूलतः विषय पर्यावरण सरक्षण एवं स्वक्षता को लेकर भी है,विज्ञान की माने तो पुष्प (फूल) से अच्छे वातावरण, दवाइयों के लिए भी फूल उपयोग में आते है ,पर्यावरण सरक्षण की प्रेरणा मिलती है,प्रकृति से प्रेम की आस जागृत होती है अगर आध्यात्म की माने तो फूल भगवान को बहुत ही प्रिय होते है इसी लिए चढ़ाए भी जाते है,इस तरह पुष्प महोत्सव का आयोजन को बिल्कुल भी फिजूल खर्ची नही कहा जा सकता।
       नगर निगम की माहापौर ने संस्कारधानी की जनता से यह आग्रह भी किया कि वे अपने फूलों से सजाई गई कला का प्रदर्शन भी इस महोत्सव के जरिये कर सकते है और फूलों के महत्व के प्रति काफी कुछ जानने और सीखने भी इस आयोजन में मिलेगा।
           इस लिए भाजपा पार्षद इसे फिजूल खर्ची बिल्कुल भी न ठहराए और आयोजन के महत्व को समझे जाने और भारत के राष्ट्रीय पुष्प की उपयोगिताओं का अध्ययन करें और जन जन की मंगल कामना करे साथ ही ऐसे आयोजनों में सोहाद्र भावना बनये रखे।
            संस्कारधानी के समस्त समाजसेवी,एनजीओ,उद्योगकर्मी,बैंक और विभिन्न संस्थाओं के सहयोग से यह आयोजन किया जा रहा है जिसको सफल बनाने में सब अपनी भूमिका बखूबी निभा रहे है।

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