छत्तीसगढ़ के अनियमित कर्मचारी पांच सूत्रीय मांगों को लेकर 30 जनवरी से काली पट्टी लगाकर करेंगे काम

छत्तीसगढ़ प्रदेश के 48 प्रशासनिक विभाग के अंतर्गत 650 से अधिक शासकीय विभागों, निगम, आयोग, मंडलों, स्वायतशासी निकायों में लाखों अनियमित कर्मचारी-अधिकारी विगत कई वर्षों से कार्यरत हैं। अनियमित कर्मचारी अपनी नियमितीकरण एवं पृथक किए कर्मचारियों के बहाली के लिए निरंतर संघर्षरत हैं। अनियमित कर्मचारियों ने कहा मुख्यमंत्री, टीएस सिंहदेव एवं अन्य कांग्रेस के जनप्रतिनिधि संघर्ष के दिनों में हमारे मंच पर आकर सरकार बनाने पर 10 दिन में नियमित करने का वादा किया था। वादे के अनुरूप कांग्रेस के जनघोषणा पत्र ‘दूर दृष्टि, पक्का इरादा, कांग्रेस करेगी पूरा वादा’ के बिंदु क्रमांक 11 एवं 30 में अनियमित कर्मचारियों के नियमितीकरण करने, छटनी न करने तथा आउटसोर्सिंग बंद करने वादा किया था।

तीन साल बाद भी सरकार ने नहीं ली सुध

14 फरवरी 2019 को अनियमित कर्मचारियों के मंच से पुनः इस वर्ष किसानों के लिए, आगामी वर्ष कर्मचारियों के लिए बात कही। 3 वर्ष से अधिक समय बीतने के बाद भी सरकार द्वारा नियमितीकरण की कार्रवाई नहीं की जा रही है| इस संबंध में मुख्यमंत्री से मिलने भी अनेक बार अनुरोध पत्र प्रेषित किया गया परंतु मिलने समय नहीं दिया गया।

गणतंत्र दिवस पर मुख्यमंत्री पर अनियमित कर्मचारियों की निगाहें टिकी हुई थी पर अनियमित कर्मचारियों के लिए किसी प्रकार की घोषणा नहीं की। अनियमित कर्मचारी/अधिकारियों के प्रति सरकार के इस व्यवहार से प्रदेश के लाखों अनियमित कर्मचारी/अधिकारी ठगा महसूस कर रहे हैं तथा आक्रोशित हैं। अनियमित कर्मचारियों ने कहा हमारी मांगों पर राज्य सरकार का ध्यान आकृष्ट कराने के लिए 30 जनवरी से प्रदेश के लाखों अनियमित कर्मचारी काली पट्टी लगा कर कार्य करेंगे तथा आगामी समय में अनिश्चितकालीन आंदोलन करेंगे।

See also  CG : लल्ला सोनवानी को छुड़ाने के प्रयास के मामले में पुलिस की कार्रवाई …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *