अम्बिकापुर , उपसंचालक कृषि ने बताया कि वर्तमान खरीफ मौसम 2026 से उर्वरक वितरण को पारदर्शी व सरल बनाने हेतु ई-टोकन प्रणाली लागू करने का निर्णय लिया गया है। जिस हेतु एग्रीस्टेक पंजीयन कराना अनिवार्य है। एग्रीस्टेक पंजीयन प्रचार-प्रसार हेतु किसानों की बैठक आहुत कर उन्हें जागरुक किया जा रहा है। जिले में अब तक 297 बैठक शिविरों में लगभग 8924 कृषकों को ई-टोकन प्रणाली और एग्रीस्टेक पंजीयन हेतु जागरुक किया गया है।
उन्होंने किसानों से अपील करते हुए कहा है कि वे अपनी भूमि का एग्रीस्टेक पंजीयन नजदीकी लोक सेवा केन्द्र से जल्द से जल्द करा लें। ऐसे कृषक जिनके राजस्व रिकार्ड में कोई त्रुटि है, वे समय रहते आवश्यक त्रुटि सुधार करा लें और तत्पश्चात एग्रीस्टेक पंजीयन कराएं। एग्रीस्टेक हेतु आवश्यक दस्तावेज ऋण पुस्तिका, बी-1, आधार से लिंक मोबाईल नम्बर, बैंक पासबुक, फोटो है।
जांजगीर-चांपा. जिले में प्रशासनिक व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने…
भोपाल मध्य प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून की प्रगति धीमी पड़ने से कृषि क्षेत्र में चिंता…
नशे के खिलाफ प्रदेशव्यापी जनअभियान शुरू, 26 जून तक चलेगा नशा मुक्त भारत सप्ताह नशा…
छत्तीसगढ़ शराब व्यसन मुक्ति अभियान की राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक सम्पन्न भारत माता वाहिनी योजना…
120 हेक्टेयर में सिंचाई, भू-जल संवर्धन और पेयजल को मिलेगा लाभ रायपुर, छत्तीसगढ़ शासन, जल संसाधन…
बिलासपुर. छत्तीसगढ़ के डिप्टी सीएम अरुण साव ने बिलासपुर में बहतराई स्थित स्वर्गीय बीआर यादव…