छत्तीसगढ़

CG : एक माह में 400 से अधिक हाथियों से आर्थिक नुकसान, किसानों में मुआवजा दर को लेकर नाराजगी

रायगढ़।  छत्तीसगढ़ में देश के 1 प्रतिशत हाथी है। मानव द्वंद से जनहानि की दर 15 प्रतिशत से अधिक है।
वर्तमान में प्रचलित, हाथियों द्वारा फसल हानि की क्षतिपूर्ति की दर 8 वर्ष पहले 2016 में, तत्कालीन दरों से रुपए 9 हजार प्रति एकड़ निर्धारित की गई थी, मुआवजा राशि बेहद कम है।आलम यह है कि रायगढ़ जिले में सबसे ज्यादा 152 हाथियों की मौजूदगी है। इधर किसानों की धान की फसल कही पक कर तैयार तो कही कतार में है।
किसानों में भारी रोष
आबादी और खेत खलिहान में हाथियों के तांडव मचाने किसानों को वृहद स्तर में आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। जिसमे जिले में एक माह में 400 से अधिक बड़े तथा आंशिक तौर पर फसल नुकसान के प्रकरण सामने आए है।
बीते सप्ताह भर से प्रतिदिन 30 से अधिक प्रकरण दर्ज हुए हैं। ऐसे में आर्थिक नुकसान में मिलने वाले मुआवजा प्रकरण की राशि कम होने पर किसानों में भारी रोष है।
हाथियों द्वारा फसल हानि की क्षतिपूर्ति की दर 8 वर्ष पहले 2016 में, तत्कालीन दरों से रुपए 9 हजार प्रति एकड़ निर्धारित की गई थी। वर्ष 2016 में धान की मिनिमम सेल्लिंग प्राइस अर्थात एम.एस.पी. रुपए 1410 प्रति क्विंटल थी।
सरकारी खरीदी दर बढ़ कर 2024 में रुपए 3100 प्रति क्विंटल
छत्तीसगढ़ में धान की सरकारी खरीदी दर बढ़ कर 2024 में रुपए 3100 प्रति क्विंटल हो गई है। तुलना करने पर रुपए 1410 से 120 प्रतिशत बढ़ कर 2024 में 3100 प्रति क्विंटल हो गई है।
हाथियों से नुकसान पर मुआवजा और समर्थन मूल्य में भारी अंतर
किसानों को फसल हानि की क्षतिपूर्ति तब ही दी जाती है जब कम से कम 33 प्रतिशत का नुकसान हुआ हो। इस तरह से 2024 के दौर में 2016 के दर से मुआवजा राशि निर्धारित के हिसाब से दी जा रही है। वही, हाथियों का दल यदि एक एकड़ में लगी धान की फसल को शत -प्रतिशत नुकसान पहुंचाता हैं तो किसान को अधिकतम नौ हजार रुपये का ही मुआवजा मिल सकता है।
उसी एक एकड़ से उत्पादित 21 क्विंटल धान को समर्थन मूल्य पर बिक्री करने से किसान को सीधे 65 हजार रुपये मिलते हैं। हाथियों से नुकसान पर मुआवजा और समर्थन मूल्य में भारी अंतर है। यह अंतर मानव-हाथी द्वंद का एक प्रमुख कारण बनता जा रहा है।
करंट से हो रही हाथियों की मौत
राज्य के अलग-अलग क्षेत्रों में करंट से हाथियों की मौत हो रही है। कही करंट से तो कहीं अन्य कारण प्रमुख वजह है। इसके साथ ही आम जन किसान खेतो की रखवाली समेत अन्य कारणों से मौत के आगोश में हाथियों के चलते समा रहे है। यही कारण है कि अब हाथियों से फसल क्षति पर मुआवजा में वृद्धि की मांग शुरू हो चुकी है।
नुकसान के मुकाबले कम मुआवजा
यहां यह बताना लाजमी होगा कि राज्य में सबसे अधिक हाथी रायगढ जिले के दोनों वन मंडल में हैं,प्रदेश में रिकार्ड के मुताबिक 340 हाथी विचरण विभिन्न जंगलों में कर रहे है। जबकि रायगढ़ में इनकी संख्या 152 से अधिक है, ये अलग-अलग झुंड में 30 से 40 की संख्या में विचरण कर रहे है।नुकसान के मुकाबले कम मुआवजा मिलने से वे काफी नाराज़गी भी जाहिर किए है। इसकी शुरुआत पखवाड़े भर पहले घरघोड़ा क्षेत्र के किसानो ने आंदोलन कर किए हैं और अब व्यापक स्तर में इसकी तैयारी कर रहे है।
बेहतर मुआवजा राशि से किसान होंगे सशक्त

किसान कई बार हाथी सहित अन्य वन्यप्राणियों से फसल बचाने के लिए तार में बिजली प्रभावित कर देते है, जिससे हाथी और अन्य वन्यप्राणि ही नहीं बल्कि ग्रामीणों की मृत्यु की भी घटनाएं बढ़ रही है।

kgnews

Recent Posts

तलाकशुदा बेटी को फैमिली पेंशन का हक? MP हाईकोर्ट के ऐतिहासिक फैसले ने बदली तस्वीर

तलाकशुदा बेटी को फैमिली पेंशन का हक? MP हाईकोर्ट के ऐतिहासिक फैसले ने बदली तस्वीर

जबलपुर  मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने हाल ही में अपने एक महत्वपूर्ण फैसले में यह साफ…

1 hour ago
मोहन यादव कैबिनेट में बड़ा फेरबदल संभव, कई मंत्रियों की छुट्टी तो नए चेहरों को मिल सकता है मौका

मोहन यादव कैबिनेट में बड़ा फेरबदल संभव, कई मंत्रियों की छुट्टी तो नए चेहरों को मिल सकता है मौका

भोपाल  मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) की मोहन यादव सरकार (Mohan Yadav Government) की तस्वीर बदलने…

1 hour ago
जल संरक्षण में डिंडौरी ने रचा इतिहास, देश में दूसरा स्थान; 6 लाख से ज्यादा जल संरचनाएं बनीं

जल संरक्षण में डिंडौरी ने रचा इतिहास, देश में दूसरा स्थान; 6 लाख से ज्यादा जल संरचनाएं बनीं

 डिंडौरी मध्य प्रदेश का आदिवासी बहुल डिंडौरी जिला जल संरक्षण के क्षेत्र में देशभर में…

1 hour ago
सुशासन तिहार बना आजीविका संवर्धन का आधार, मत्स्य पालक भरत निषाद को मिली ₹1 लाख की सहायता

सुशासन तिहार बना आजीविका संवर्धन का आधार, मत्स्य पालक भरत निषाद को मिली ₹1 लाख की सहायता

रायपुर  सुशासन शिविरों के माध्यम से शासकीय जनकल्याणकारी योजनाओं का सीधा लाभ अंतिम छोर के…

10 hours ago
निगम के 06 वार्डो में होंगे 01 करोड़ 08 लाख रू. के नये विकास कार्य

निगम के 06 वार्डो में होंगे 01 करोड़ 08 लाख रू. के नये विकास कार्य

रायपुर  नगर पालिक निगम कोरबा के सर्वमंगला नगर जोनांतर्गत वार्ड क्र. 61, 64 तथा दर्री…

11 hours ago
रतलाम के डायल-112 हीरोज सड़क दुर्घटना में घायल 02 व्यक्तियों को त्वरित सहायता से पहुँचाया अस्पताल

रतलाम के डायल-112 हीरोज सड़क दुर्घटना में घायल 02 व्यक्तियों को त्वरित सहायता से पहुँचाया अस्पताल

भोपाल  रतलाम जिले के थाना जावरा शहर क्षेत्र में डायल-112 जवानों की तत्पर एवं संवेदनशील…

11 hours ago