अम्बिकापुर के केदारपुर में रहने वाली 63 वर्षीय अनुराधा विश्वकर्मा को जब अचानक शरीर में दर्द की वजह से चलने-फिरने में समस्या होने लगी तो उन्होंने फिजियोथेरेपी करवाई, इससे आराम तो मिला, पर कुछ समय बाद उन्हें शरीर में कुछ बदलाव महसूस हुए। जांच एवं लैब टेस्ट करवाने पर डॉक्टरों द्वारा ब्रेस्ट कैंसर के बारे में बताया गया। ये सुनकर पूरा परिवार सदमे में आ गया, उनके भरे-पूरे परिवार के आगे इतनी बड़ी समस्या खड़ी हो जाएगी, भला कौन जानता था।
विश्वकर्मा परिवार केदारपुर में किराए के मकान में रहता है, परिवार में दो बेटे, बहु और दो नाती-पोते हैं, बड़ा बेटा प्राइवेट कॉलेज में शिक्षक है और छोटा बेटा कोचिंग सेंटर में अपनी सेवा दे रहा है। परिवार की आर्थिक स्थिति इतनी मजबूत नहीं थी कि इतने बड़े इलाज के लिए पैसे आसानी से पूरे हो पाते। जितनी जमा पूंजी थी वो भी महंगे जांच और दवाईयों में निकल रही थी। आनन-फानन में परिचितों की सलाह पर अनुराधा को एम्स रायपुर में उपचार हेतु भर्ती कराया गया।
छोटे बेटे सौरभ विश्वकर्मा बताते हैं कि उन्हें वहीं डॉक्टरों द्वारा मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना के तहत सहायता राशि के बारे में जानकारी मिली, उन्होंने तत्काल आवेदन किया और योजना के तहत मदद मिली। उन्होंने बताया कि शासन की यह योजना इस दुख की घड़ी में उनके लिए वरदान बनकर आई। आज मां स्वस्थ है और हमारा घर फिर हंसने-बोलने लगा है। बता दें कि राज्य के नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मुहैया कराने तथा दुर्लभ बीमारियों के इलाज में होने वाले व्यय से बचाने हेतु राज्य शासन द्वारा मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना पात्र परिवारों को अधिकतम 25 लाख रुपए तक के इलाज की सुविधा प्रदान की जाती
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