जांजगीर-चांपा । जिले में वन विभाग ने वन्यजीवों के अवैध शिकार और तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। चांपा वन विभाग की टीम ने बम्हनीडीह ब्लॉक के ग्राम गोविंदा में दबिश देकर संरक्षित वन्यजीव गोह (मॉनिटर लिजर्ड) के शिकार और उसके अंगों की तस्करी के आरोप में पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। वन विभाग के अनुसार, आरोपियों पर गोह का शिकार कर उसके नाखून निकालने और उन्हें ऊंचे दामों में बेचने की तैयारी करने का आरोप है। सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। इंस्टाग्राम वीडियो से सामने आया मामला जानकारी के अनुसार, बम्हनीडीह ब्लॉक के ग्राम गोविंदा के कुछ युवक वन्यजीव गोह को पकड़कर उसकी तस्करी की तैयारी कर रहे थे।
इस दौरान उन्होंने पूरे घटनाक्रम का वीडियो बनाया और उसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर वायरल कर दिया। वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद किसी व्यक्ति ने इसकी जानकारी वन विभाग के अधिकारियों को दी। सूचना को गंभीरता से लेते हुए वन विभाग की टीम ने तत्काल जांच शुरू की और संबंधित स्थान पर दबिश देने की योजना बनाई। बाड़ी में गड्ढा खोदकर छिपाई गई थी गोह वन विभाग की टीम ने गांव पहुंचकर संदिग्ध लोगों से पूछताछ शुरू की। जांच के दौरान एक आरोपी शिवराम गोंड के घर की बाड़ी में गड्ढा खोदकर छिपाकर रखी गई गोह बरामद की गई। वन अधिकारियों के अनुसार, पूछताछ में यह जानकारी सामने आई कि गोह के नाखून निकालकर उन्हें अवैध रूप से बेचने की तैयारी की जा रही थी। वन विभाग ने मौके से संबंधित सामग्री जब्त कर आगे की कार्रवाई शुरू की। पांच आरोपियों को किया गया गिरफ्तार वन विभाग की कार्रवाई में पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
गिरफ्तार आरोपियों में: दिनेश पटेल हरिराम गोंड शिवा गोंड चमन गोंड विनोद केवट शामिल हैं। वन विभाग ने सभी आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। कोर्ट में पेश कर भेजा गया जेल कार्रवाई के बाद वन विभाग ने सभी आरोपियों को न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, जांजगीर के न्यायालय में पेश किया। न्यायालय के आदेश के बाद सभी आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। वन विभाग अब मामले की आगे जांच कर रहा है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि इस अवैध तस्करी में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।
गोह संरक्षित वन्यजीव, शिकार करना गंभीर अपराध वन विभाग के एसडीओ एचआर शर्मा ने बताया कि गोह एक संरक्षित वन्यजीव की श्रेणी में आता है। इसका शिकार करना कानूनन गंभीर अपराध है। उन्होंने बताया कि कुछ लोग अंधविश्वास और आर्थिक लाभ के लालच में गोह के नाखूनों और अन्य अंगों की तस्करी करने का प्रयास करते हैं। ऐसे मामलों में वन विभाग लगातार निगरानी रख रहा है और सूचना मिलने पर तत्काल कार्रवाई की जा रही है। वन्यजीव अपराधों पर वन विभाग सख्त वन विभाग ने आम लोगों से अपील की है कि किसी भी प्रकार के वन्यजीव शिकार, तस्करी या अवैध गतिविधि की जानकारी तत्काल विभाग को दें।
वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए लोगों की जागरूकता और सहयोग बेहद जरूरी है। अधिकारियों ने कहा कि संरक्षित प्रजातियों के शिकार और तस्करी में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी। सोशल मीडिया पर वन्यजीवों से जुड़े किसी भी संदिग्ध वीडियो या गतिविधि की जानकारी मिलने पर विभाग द्वारा जांच कर कार्रवाई की जाएगी। जांजगीर-चांपा में हुई यह कार्रवाई वन विभाग की सतर्कता और सूचना तंत्र की सक्रियता को दर्शाती है। अधिकारियों का कहना है कि जिले में वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए आगे भी इसी तरह अभियान चलाया जाएगा और अवैध शिकार करने वालों पर शिकंजा कसा जाएगा।
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