भिलाईनगर। सुपेला थाना अंतर्गत डिजिटल अरेस्ट के नाम पर मुंबई क्राइम ब्रांच का इंस्पेक्टर बनकर एक बुजुर्ग महिला से 7 लाख रुपए की धोखाधड़ी की है। रिपोर्ट पर पुलिस मामले में धारा 318 (4) बीएनएस के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना कर रही है। सुपेला पुलिस ने बताया कि आर्य नगर कोहका निवासी निर्मला चौबे ( 62 वर्ष) को 13 मार्च को एक वीडियो कॉल आया। उसमें 5-7 लोग पुलिस की वर्दी में दिखाई दिए। कॉल करने वाले ने खुद को मुंबई क्राइम ब्रांच का इंस्पेक्टर संदीप राव बताया और महिला पर अवैध लेनदेन का आरोप लगाते हुए डिजिटल अरेस्ट करने की धमकी दी। आरोपियों ने महिला को लगातार डराते हुए फर्जी दस्तावेज, एफआईआर और सुप्रीम कोर्ट के आदेश जैसे कागजात व्हाट्सएप पर भेजे और किसी को जानकारी देने पर जेल भेजने की धमकी दी। भयभीत होकर महिला ने 16 और 17 मार्च के बीच अलग-अलग खातों में कुल 7 लाख रुपए आरटीजीएस के माध्यम से ट्रांसफर कर दिए। ठगों ने महिला को यह भी भरोसा दिलाया कि जांच पूरी होने के बाद 15 अप्रैल तक राशि वापस कर दी जाएगी। महिला के अकेले रहने का फायदा उठाकर आरोपियों ने उसे पूरी तरह मानसिक दबाव में रखा। घटना की जानकारी मिलने पर 22 अप्रैल को महिला अपने परिजनों के साथ चौकी स्मृति नगर पहुंची, जहां से मामला थाना सुपेला भेजा गया।
पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ धारा 318 (4) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है। वहीं दुर्ग पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी अनजान कॉल, वीडियो कॉल या खुद को पुलिस / सरकारी अधिकारी बताने वाले व्यक्तियों से सतर्क रहें। डिजिटल अरेस्ट जैसी कोई कानूनी प्रक्रिया नहीं होती। किसी भी प्रकार की संदिग्ध कॉल या ठगी की आशंका होने पर तुरंत पुलिस या साइबर हेल्पलाइन 1930 पर संपर्क करें।
