रायपुर। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार सिंह के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक यातायात कार्यालय के प्रशिक्षण हॉल में जिला रायपुर के पुलिस थानों के प्रभारी, थानों के iRAD/eDAR के नोडल अधिकारी एवं विवेचकों के लिए प्रशिक्षण एवं वर्कशॉप रखा गया था जिसमें शहर एवं ग्रामीण थानों से 87 विवेचक उपस्थित हुए। प्रशिक्षण कार्यशाला की अध्यक्षता संजय शर्मा, अध्यक्ष अंतर्विभागीय लीड एजेंसी ने किया तथा सारांश सिरके, स्टेट रोल आउट मैनेजर iRAD/eDAR के साथ साथ ओम प्रकाश शर्मा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक यातायात, गुरजीत सिंह एवं सुशान्तो बनर्जी उप पुलिस अधीक्षक यातायात रायपुर मौजुद थे। संजय शर्मा ने बताया कि प्रतिवर्ष भारत देश में लगभग 1.5 (डेढ़) लाख लोगों की मृत्यु सड़क दुर्घटना में होती है। प्रतिवर्ष इतनी बड़ी जनहानि किसी प्राकृतिक आपदा में नही होती है। सड़क दुर्घटना में मौतों पर एक भरापूरा परिवार उजड़ जाता है। एक जनहानि से एक परिवार ही प्रभावित नहीं होता है अपितु समाज एवं देश के लिए भी वह अपूरणीय क्षति होती है जिसकी भरपाई करपाना कठिन है। सड़क दुर्घटनाओं में मौतों को रोकने के लिए सरकारें गंभीर हो गयी है। सड़क दुर्घटना को नियंत्रित करने के लिए सभी जिम्मेदार विभागों के समन्वित प्रयासों की आवश्यकता है। इसी दिशा में कार्य करते हुए सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय भारत सरकार का iRAD/eDAR एप को विकसित करने की पीछे केवल एक ही उद्देश्य है कि सड़क दुर्घटना के कारणों का वास्तविक विश्लेषण कर दुर्घटना नियंत्रण की दिशा में कार्ययोजना तैयार कर दुर्घटना रोकने हेतु सार्थक प्रयास किया जा सके। iRAD/eDAR (इंटिग्रेटेड रोड एक्सीडेट डाटाबेस एवं इलेक्ट्रिॉनिक डिटेल एक्सीडेंट रिपोर्ट) एप में सड़क दुर्घटना के संबंध में जानकारी को घटना स्थल पर जाकर ऑनलाईन प्रविष्ट करने का प्रावधान है। इस iRAD/eDAR एप में सड़क सुरक्षा के लिए जिम्मेदार विभागों परिवहन, पुलिस, सड़क निर्माण एजेंसी एनएचएआई, लोक निर्माण विभाग, नगर पालिक निगम एवं स्वास्थ्य विभाग को एकीकृत (इंटिग्रेटेड) किया गया है। सड़क दुर्घटना घटित होने पर विवेचक घटना स्थल पर जाकर इस एप के माध्यम से आवश्यक जानकारी को ऑनलाईन प्रविष्ट करेगा, घटना स्थल का फोटो एवं विडियो अपलोड करेगा, दुर्घटना के वास्तविक कारण जो मौके पर पता चलता है उसमें यदि सड़क इंजिनियरिंग खामियों के कारण दुर्घटना हुई है जिसमें सुधार की आवश्यकता हो तो थाना प्रभारी के माध्यम से सड़क प्राधिकार एजेंसी को iRAD/eDAR एप से ही रिक्वेस्ट भेजेगा। थाना प्रभारी के भेजे गये रिक्वेस्ट पर संबंधित एजेंसी घटना स्थल पर जाकर मुआयना करेगी एवं दुर्घटना नियंत्रण हेतु उपचारात्मक उपाय की कार्यवाही पूर्ण की जाएगी। इस एप में भरे गये डाटा का विश्लेषण राज्य एवं केन्द्र स्तर पर भारत सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (MORTH ) द्वारा मानिटरिंग की जाती है एवं विश्लेषण के आधार पर सड़क दुर्घटना नियंत्रण के लिए कार्ययोजना तैयार कर राज्यों को निर्देशित करती है। सड़क दुर्घटना में पीड़ितों को उपचार हेतु तत्काल हास्पिटल पहुॅचाने की आवश्यकता होती है जिसके कारण कई मामलों में संबंधित थाना को सूचना प्राप्त नही हो पाती ऐसी स्थिति में हास्पिटल में चिकित्सकों की जिम्मेदारी तय की गयी है कि वे इस iRAD/eDAR एप के माध्यम से थाना प्रभारी को सूचना दें व प्रकरण थाना में दर्ज कर अग्रीम कार्यवाही करें। इस एप से भेजे गये रिक्वेस्ट पर विभागों की जिम्मेदारी तय करते हुए सड़क दुर्घटना नियंत्रण हेतु उपचारात्मक उपाय करने की बाध्यता दी गयी है। iRAD/eDAR में सड़क दुर्घटना प्रकरणों की जानकारी वाहन के संबंधित बीमा कंपनी एवं दावा अभिकरण को भी प्रेषित किये जाने का प्रावधान है जिससे पीड़ितों को क्षतिपूर्ति का मुआवजा प्रदाय करने की कार्यवाही शीघ्रतापूर्वक किया जा सके। थानों के इस एप के माध्यम से दुर्घटना प्रकरणों की जानकारी बीमा कंपनी व दावा अभिकरण को भेजे जाने पर दुर्घटना की वास्तविक जानकारी हो पाएगी जिससे दुर्घटना के फर्जी दावों पर अंकुश लगेगा। श्री सारांश सिरके द्वारा कार्यशाला में iRAD/eDAR एप में ऑनलाईन प्रविष्टि करने के सभी बिन्दुओं को विस्तार से समझाते हुए किस प्रकार भरा जाना है, घटना स्थल का फोटो, विडियो अपलोड करना एवं संबंधित विभागों को रिक्वेस्ट भेजने के तरीकों से अवगत कराया। ओमप्रकाश शर्मा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक यातायात रायपुर एवं गुरजीत सिंह उप पुलिस अधीक्षक यातायात रायपुर ने इस iRAD/eDAR एप का महत्व बताया कि जिले में इरादतन हत्या एवं हत्या के प्रयास के कुल 155 प्रकरण वर्ष 2023 में दर्ज हुए है जबकि वर्ष 2023 में सड़क दुर्घटना में 507 लोगों की मौत हुई है। हत्या एवं हत्या के प्रयास के प्रकरणों के तीन गुणा से भी अधिक लोगों की मौत सड़क दुर्घटना में हुई है। हत्या एवं हत्या के प्रयास के अपराधों में गंभीरता से जांच विवेचना कर अपराधियों को सजा दिलाया जाता है परंतु सड़क दुर्घटना में अनचाहे मौतों को रोकने की दिशा में कार्य करने के लिए ही ये iRAD/eDAR एप तैयार किया गया जिसमें ऑनलाईन प्रविष्टि करना अतिआवश्यक है जिससे दुर्घटना के कारणों का डाटाबेस तैयार होगा और उसी डाटाबेस के आधार पर मानिटरिंग कमेटी निर्णय लेकर सड़क दुर्घटना नियंत्रण हेतु संबंधित विभागों की जिम्मेदारी तय करते हुए कार्य करने निर्देशित करेगी। आपका यह कार्य अत्यंत महत्वपूर्ण है। सड़क दुर्घटना के प्रकरणों के शत प्रतिशत मामलों में iRAD/eDAR एप में अनिवार्य रूप से ऑनलाईन प्रविष्टि किया जावे। अंत में उपस्थित सभी अधिकारियों को धन्यवाद ज्ञापित कर कार्यशाला समापन किया गया।
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