बिलासपुर। यात्रियों की सुरक्षा, अपराध नियंत्रण और मानवीय जिम्मेदारियों के निर्वहन के लिए दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे की रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने वर्ष 2025 में सख्त और प्रभावी अभियान चलाकर उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। विभिन्न विशेष अभियानों के तहत न सिर्फ अपराधियों पर कार्रवाई हुई, बल्कि बिछड़े बच्चों को उनके परिवारों से भी मिलाया गया। ऑपरेशन यात्री सुरक्षा के तहत बिलासपुर, रायपुर और नागपुर रेल मंडलों में स्पेशल टास्क टीम और अपराध गुप्तचर शाखा को सक्रिय किया गया। प्रमुख रेलवे स्टेशनों और यात्री गाड़ियों में निगरानी बढ़ाई गई।इसके परिणामस्वरूप वर्ष 2025 में 303 आरोपियों को गिरफ्तार कर संबंधित एजेंसियों को सौंपा गया। यात्रियों की सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने के लिए रात्रिकालीन एस्कॉर्टिंग भी लगातार की जा रही है।

अवैध टिकट दलाली के खिलाफ ऑपरेशन उपलब्ध के अंतर्गत आरपीएफ ने बड़ी कार्रवाई की। वर्ष 2025 में 277 दलालों की गिरफ्तारी के साथ 62.10 लाख रुपये के टिकट बरामद हुए। इन सभी मामलों में रेलवे अधिनियम की धारा 143 के तहत कानूनी कार्रवाई की गई। रेलवे परिसरों में घर से बिछड़े बच्चों के लिए ऑपरेशन नन्हे फरिस्ते एक भरोसेमंद सहारा बना है। 2025 में 304 बच्चों को रेस्क्यू कर चाइल्ड हेल्पलाइन के माध्यम से परिजनों को सौंपा गया मानव तस्करी की रोकथाम के लिए ऑपरेशन आहट के तहत सामाजिक संगठनों और चाइल्ड वेलफेयर कमेटी के सहयोग से सतत अभियान चलाया गया।

वर्ष 2025 में 7 तस्करों की गिरफ्तारी कर 12 लोगों को तस्करी के चंगुल से मुक्त कराया गया। यह अभियान लगातार जारी है।मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ ऑपरेशन नारकोस के तहत वर्ष 2025 में 63 मामलों में 78 आरोपी गिरफ्तार किए गए। इसके अलावा 713.522 किलोग्राम मादक पदार्थ जिसकी अनुमानित 1.70 करोड़ रुपये है, जब्त किए गए। पिछले तीन वर्षों में कुल 5.30 करोड़ रुपये के नशीले पदार्थों की जब्ती कर 283 आरोपियों पर कार्रवाई की जा चुकी है।

By kgnews

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *