कमार बसाहटों में जाकर देगी योजनाओं की जानकारीमहासमुंद, प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम-जनमन) का द्वितीय चरण 23 अगस्त से प्रारंभ होकर 10 सितंबर 2024 तक चलाया जाएगा। आज महासमुंद विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा ने पीएम जनमन जागरूकता एवं प्रचार-प्रसार रथ को हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया।विधायक सिन्हा ने इस अवसर पर कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के मंशानुरूप विशेष पिछड़ी जनजाति समुदायों के विकास और उत्थान के लिए यह योजना चलाई जा रही है। इस योजना का लाभ विशेष पिछड़ी जनजाति के सदस्यों को मिलना सुनिश्चित है। उन्होंने कहा कि यह आजादी के पश्चात अभिनव योजना है। जिसमें केवल इस योजना के तहत विशेष पिछड़ी जनजातियों को लाभ दिया जाएगा। ताकि उन्हें मूलभुत सुविधा सहित समाज के मुख्य धारा से जुड़ने का अवसर मिले।विधायक सिन्हा ने कहा कि रथ जिले के सभी जनजाति बसाहटों में जाए और योजनाओं की जानकारी देना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि इस अभियान से जुड़े सभी शासकीय अमले के साथ ही अशासकीय संगठनों, जनप्रतिनिधियों एवं आमजनों से अपील है कि इस नेक कार्य में बढ़ चढ़कर भाग ले तथा पीवीटीजी समुदाय को मोबलाईज करें, ताकि उन्हे विकास के माध्यम से समाज की मुख्य धारा में लाया जा सके। इस अवसर पर संदीप दीवान, रमेश साहू, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी एस. आलोक, सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग शिल्पा साय सहित विभाग के अन्य कर्मचारी मौजूद थे।योजना अंतर्गत 10 सितम्बर तक विशेष पिछड़ी जनजाति समुदाय (पीवीटीजी) निवासरत जिलों एवं बसाहटों में यह महाभियान चलाया जाएगा, ताकि पीवीटीजी सदस्यों को एवं उनकी बसाहटों में शिविर के माध्यम से शेष सदस्यों को आधार कार्ड, आयुष्मान भारत कार्ड, पीएम किसान सम्मान निधि, राशन कार्ड, किसान क्रेडिट कार्ड, पीएम जनधन, इत्यादि से संतृप्त किया जा सके। इसके साथ ही आवश्यक सुविधाएं जैसे पक्का आवास, संपर्क सड़के, विद्युतीकरण, पेयजल इत्यादि सुविधाएं उपलब्ध कराने में गति लाई जा सके। इस अभियान के दौरान सितम्बर 2024 के प्रथम सप्ताह में प्रधानमंत्री जी का पीवीटीजी राज्यों के लाभार्थियों के साथ संवाद का कार्यक्रम भी आयोजित है।उल्लेखनीय है कि जिले के तीन विकासखण्ड महासमुंद, बागबाहरा और पिथौरा में कमार जनजाति निवासरत है। इनमें महासमुंद के 41 ग्रामों में 461 परिवार जिनकी कुल संख्या 1687 है, निवास करते है। इसी तरह बागबाहरा विकासखंड के 32 गांवों में 390 परिवार निवास करते है, जिनकी संख्या 1385 है। पिथौरा विकासखंड के दो ग्राम पंचायतों में 44 परिवार 168 सदस्यों के साथ निवासरत है। जिन्हें केंद्र और राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित किया जा रहा है।
दुर्ग. सरल लेकिन सख्त मुख्यमंत्री विष्णु देव के सुशासन में एक बार फिर से कड़ा…
गाँव के द्वार पहुँची डिजिटल सरकार : बड़ेकनेरा का ‘सेवा सेतु’ मॉडल बना ग्रामीण सुशासन…
प्रदेश में चल रही है समान नागरिक संहिता (यू.सी.सी.) लागू करने की प्रक्रिया : मुख्यमंत्री…
मध्यप्रदेश में वरिष्ठजनों के सम्मान, सुरक्षा और अधिकारों की सुदृढ़ व्यवस्था कानूनी संरक्षण: अधिकारों की…
- नशा मुक्ति थीम के साथ आयोजित हुआ शिविर, 1224 आवेदन हुए प्राप्त - समाधान,…
- ग्राम पंचायतों में स्वच्छता और कचरा प्रबंधन पर दिया गया विशेष प्रशिक्षण - स्वच्छ…