जशपुर। जिले में विद्यार्थियों को तंबाकू सेवन के दुष्प्रभावों से सुरक्षित रखने और शैक्षणिक संस्थानों के आसपास तंबाकू उत्पादों की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा विशेष प्रवर्तन अभियान चलाया जा रहा है। यह कार्रवाई कलेक्टर रोहित व्यास के निर्देशानुसार की जा रही है। अभियान के तहत सिगरेट एवं अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम (कोटपा) 2003 की धारा 6(बी) का सख्ती से पालन कराया जा रहा है। इसी क्रम में अनुविभागीय अधिकारी राजस्व जशपुर के मार्गदर्शन और तहसीलदार जशपुर के नेतृत्व में राजस्व, पुलिस, नगरपालिका, स्वास्थ्य विभाग तथा खाद्य एवं औषधि प्रशासन की संयुक्त टीम ने स्वामी आत्मानंद हिंदी माध्यम विद्यालय जशपुर के 100 गज के दायरे में व्यापक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान आसपास की दुकानों और अस्थायी ठेलों की भी जांच की गई।
जांच में पाया गया कि 5 दुकानों और ठेलों द्वारा शैक्षणिक संस्थानों के निकट तंबाकू उत्पादों की बिक्री कर कोटपा अधिनियम की धारा 6(बी) का उल्लंघन किया जा रहा था। प्रशासनिक टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए सभी तंबाकू उत्पाद जब्त कर लिए और संबंधित विक्रेताओं को मौके पर ही बिक्री बंद करने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने सभी दुकानदारों को स्पष्ट रूप से निर्देशित किया कि वे शैक्षणिक संस्थानों से निर्धारित 100 गज की दूरी के बाहर ही अपने व्यवसाय का संचालन करें। साथ ही यह भी चेतावनी दी गई कि नियमों का उल्लंघन करने पर आगे और कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि स्कूलों और अन्य शैक्षणिक परिसरों के आसपास तंबाकू उत्पादों की बिक्री किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। इस प्रकार की गतिविधियां विद्यार्थियों के स्वास्थ्य और भविष्य के लिए हानिकारक हैं, इसलिए इन पर सख्त नियंत्रण आवश्यक है।
प्रशासन ने यह भी बताया कि इस तरह के प्रवर्तन अभियान नियमित रूप से जारी रहेंगे। इसके अलावा औचक निरीक्षण के माध्यम से लगातार निगरानी की जाएगी ताकि कोई भी दुकानदार नियमों का उल्लंघन न कर सके। अधिकारियों ने कहा कि कोटपा अधिनियम 2003 के तहत शैक्षणिक संस्थानों के 100 गज के दायरे में तंबाकू उत्पादों की बिक्री प्रतिबंधित है और इसका पालन सुनिश्चित करना सभी की जिम्मेदारी है। जिला प्रशासन ने नागरिकों, दुकानदारों और संबंधित संस्थानों से अपील की है कि वे कानून का पालन करें और तंबाकू मुक्त शैक्षणिक वातावरण बनाने में सहयोग करें। उन्होंने कहा कि समाज के सहयोग से ही विद्यार्थियों को एक स्वस्थ और सुरक्षित वातावरण प्रदान किया जा सकता है। स्थानीय स्तर पर इस कार्रवाई को शिक्षा संस्थानों के आसपास सुरक्षित माहौल बनाने और नशा मुक्त समाज की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

