ग्वालियर
नगर सरकार को लेकर गरमाती सियासत के केन्द्र में अब पूरी तरह से नगर निगम सभापाति की कुर्सी आ गई है। आसंदी पर कब्जे को लेकर जारी सियासी जंग में अब पार्टियों की अपने ही लोगों पर शंका गहराने लगी है। इस बीच भारतीय जनता पार्टी ने अपने पार्षदों की बाड़ाबंदी करते हुए आज सुबह उन्हें दिल्ली रवाना कर दिया। साथ ही बहुमत के लिए जारी मशक्कत के बीच कांग्रेस ने डील पक्की करते हुए अपने मोहरों की जमावट तेज कर दी है। सूत्रों के मुताबिक दिल्ली रवाना हुए बाजेपी पार्षदों की भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा, केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्रसिंह तोमर एवं ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ बैठक कराई जाएंगी।
57 साल बाद महापौर पद पर मिली करारी हार के बाद भाजपा अब सभापति की आसंदी पर काबिज होने के मामले में किसी तरह का जोखिम उठाने के मूड में नहीं है। यही कारण है कि महापौर और पार्षदों की शपथ होते ही पार्टी ने अपने सभी पार्षदों की बाड़ाबंदी करते हुए आज सुबह ही उन्हें दिल्ली रवाना कर दिया। सुबह लोहिया बाजार से दो एसी बसों में पार्टी नेताओं की निगरानी में बीजेपी पार्षद दिल्ली के लिए निकल चुके है, जहां पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ उनकी बैठकें होने वाली हैं।
वहीं इस मामले में हमलावर हुई कांग्रेस का कहना है कि सभापति के चुनाव को लेकर वह निश्चिंत है, जबकि भाजपा को अपने ही चुने हुए जनप्रतिनिधियों पर भरोसा नहीं है। अपने लोगों पर अविश्वास की स्थिति के पीछे उनकी पार्टी के भीतर पनप रहा असंतोष है। इसी की परिणिती है कि उन्हें अपने पार्षदों को बंदी बनाना पड़ रहा है। वहीं कांग्रेस का दावा है कि उसको हर तरफ से समर्थन मिल रहा है। निर्दलीयों को मिलाकर पार्टी के बहुमत के करीब होने की बात कही जा रही है। बाकी उसे आत्मा की आवाज पर वोट डालने वालों पर भरोसा है, जिनके दम पर कांग्रेस अपना सभापाति बनाने में भी सफल हो जाएगी।
इमरती देवी ने तोड़े कांग्रेस के 6 पार्षद!
पूर्व मंत्री इमरती देवी ने 6 कांग्रेसी पार्षदों सहित 15 वार्ड पार्षदों के साथ दिल्ली में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया से मुलाकात की। वहीं वार्ड 33 की निर्दलीय पार्षद सुनीता कुशवाह ने कांग्रेस का हाथ थाम लिया।
