मध्य प्रदेश में स्मार्ट मीटर पर मिलेगी छूट, हर 15 मिनट में मोबाइल पर मिलेगा बिजली खपत का अपडेट

भोपाल
 मध्य प्रदेश में बिजली विभाग द्वारा लोगों के घरों में लगाए जा रहे स्मार्ट मीटर को लेकर प्रदेश भर में विरोध हो रहा है. राजधानी से लेकर जिला स्तर तक उपभोक्ता इसको लेकर बिजली कार्यालयों का घेराव कर रहे हैं. वहीं कुछ सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर स्मार्ट मीटर की अनिवार्यता को लेकर भी अफवाहें फैलाई जा रही हैं. इन सबके बीच मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने स्पष्ट कर दिया है कि स्मार्ट मीटर निर्धारित प्लान के अनुसार लगाए जा रहे हैं और उपभोक्ता स्मार्ट मीटर लगवाने से मना नहीं कर सकते हैं. कंपनी के अधिकारियों ने बताया कि स्मार्ट मीटर में किसी भी प्रकार की कोई गड़बड़ी नहीं है, इसको लेकर केवल अफवाहें फैलाई जा रही हैं.

अब तक लगे 3 लाख 60 हजार स्मार्ट मीटर

मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के जनरल मैनेजर सीके पवार ने बताया कि "अब तक मध्य प्रदेश में 3,60,000 स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं. वहीं भोपाल में करीब 1 लाख 90 हजार स्मार्ट मीटर लगाए गए हैं. स्मार्ट मीटर के साथ ही 7372 उपभोक्ताओं के घरों में स्मार्ट मीटर को चेक करने के लिए चेक मीटर भी लगाए गए हैं. लेकिन अब तक इन उपभोक्ताओं के घर से स्मार्ट मीटर में दर्ज खपत और चेक मीटर में कोई अंतर नहीं पाया गया है. पवार ने बताया कि सीएम हेल्पलाइन पर भी 547 शिकायतें स्मार्ट मीटर से संबंधित पाई गई लेकिन जब उनकी जांच की गई तो सभी शिकायतें गलत निकली."

ऊर्जा प्रभार में 20 प्रतिशत की छूट

सीके पवार ने बताया कि "बिजली टैरिफ के अनुसार ऐसे सभी 10 किलोवॉट तक के घरेलू उपभोक्ता जिनके यहां स्मार्ट मीटर लग चुका है. उन्हें अब दिन की विद्युत खपत यानी सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक के टैरिफ में 20 प्रतिशत की छूट मिलने लगी है. अब तक ऐसे 1.40 लाख उपभोक्ताओं को 1.24 करोड़ की छूट प्रदान की गई है. मध्य प्रदेश में अभी स्मार्ट मीटर का काम मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के कार्य क्षेत्र वाले भोपाल, नर्मदापुरम, ग्वालियर और चंबल संभाग के 16 जिलों में किया जा रहा है."

मोबाइल डाटा की तरह हर 15 मिनट में आएगा मैसेज

स्मार्ट मीटर की खासियत यह है कि यह सटीक रीडिंग तो देता ही है, इसके साथ ही यह मोबाइल के डाटा खर्च होने की तरह आपके मोबाइल पर मैसेज भी भेजता है. हर 15 मिनट पर स्मार्ट मीटर में हो रही खपत का मैसेज उपभोक्ताओं के मोबाइल पर पहुंचता है जिससे उनको पता चल जाता है कि दिन भर में उनके यहां कितनी बिजली की खपत हुई.

इसमें एक खास बात और है कि यदि अचानक से मीटर की रीडिंग बढ़ती है तो उपभोक्ता को तुरंत पता चल जाएगा कि इसमें कुछ गड़बड़ी हो रही है. इसके साथ ही अब तक फाल्ट होने की जानकारी नहीं मिल पाती थी लेकिन अब स्मार्ट मीटर बता देगा कि कहां पर समस्या है. इसी प्रकार उपभोक्ता अपनी बिजली की खपत को भी नियंत्रित कर सकता है.

स्मार्ट मीटर के जानिए फायदे

  •   ऊर्जा की खपत को ट्रैक करने और ऊर्जा की बचत करने में मदद करता है.
  •   बिजली की खपत को सटीक रूप से मापता है, जिससे बिल में कोई गलती नहीं होती.
  •   एप के जरिए मोबाइल पर रियल-टाइम डेटा देखकर ऊर्जा की खपत को नियंत्रित कर सकते हैं.
  •   ऊर्जा की गुणवत्ता के बारे में जानकारी मिलती है, ताकि ऊर्जा की खपत को बेहतर बना सकते हैं.
  •   ऊर्जा की खपत को ऑनलाइन ट्रैक करने और नियंत्रित करने की सुविधा मिलती है.
  •   ऊर्जा की खपत को कम करने से पर्यावरण पर पड़ने वाला प्रभाव कम होता है.
  •   ऊर्जा की खपत को नियंत्रित करने और ऊर्जा की बचत करने में मदद कर सकता है.

बिल जमा नहीं होने पर कंट्रोल रूम से कटेगी लाइट

मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी अपने कार्य क्षेत्र में करीब 22 लाख स्मार्ट मीटर लगाने जा रही है. इसके लिए उपभोक्ताओं से कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा. स्मार्ट मीटर में डिस्कनेक्शन का और रिकनेक्शन का विकल्प भी है. यदि उपभोक्ता बिजली बिल जमा नहीं करता है तो कंट्रोल रूम से उसका बिजली का कनेक्शन कट जाएगा. वहीं बिजली का बिल जमा करने पर कंट्रोल रूम से ही रिकनेक्शन कर दिया जाएगा.

बिजली चोरी पर भी होगा नियंत्रण

स्मार्ट मीटर की एक बड़ी विशेषता यह भी है कि इसमें छेड़छाड़ या टेंपरिंग की गुंजाइश बहुत कम है. यदि कोई ऐसा करता है तो इसकी सूचना तुरंत बिजली कंपनी के कार्यालय को मिल जाएगी. बिजली कंपनी की टीम चोरी करने वाले उपभोक्ता के घर पहुंचकर उस पर कार्रवाई करेगी. अधिकारियों ने बताया कि कुछ लोग मीटर में टेंपरिंग करते हुए पाए गए हैं, ऐसे उपभोक्ताओं के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जा रही है.

   बिजली कंपनी के मैन पावर की होगी बचत

बता दें कि स्मार्ट मीटर इंटरनेट से कनेक्ट होगा. इससे बिजली कंपनी को मीटर रीडिंग लेने के लिए कर्मचारी की जरूरत नहीं होगी. न ही कंपनी को बिल जनरेट करने के लिए कर्मचारियों की जरूरत पड़ेगी. यह पूरी व्यवस्था ऑनलाइन रहेगी. मीटर रीडिंग से लेकर बिल जेनरेट तक सब काम ऑटोमेटिक हो जाएंगे. जिससे बिजली कंपनी को इन सब कामों के लिए मैन पावर पर पैसा नहीं खर्च करना होगा.

Admin

Share
Published by
Admin

Recent Posts

जबलपुर के दूषित पेयजल मामले पर NGT सख्त, कलेक्टर और नगर निगम से दो हफ्ते में मांगी रिपोर्ट

जबलपुर के दूषित पेयजल मामले पर NGT सख्त, कलेक्टर और नगर निगम से दो हफ्ते में मांगी रिपोर्ट

जबलपुर  जबलपुर में नालों के बीच से गुजर रही पेयजल पाइपलाइन और दूषित पानी की…

56 minutes ago
बस्तर में बारिश के साथ बढ़ा मलेरिया का खतरा, पांच महीने में सामने आए 617 मरीज

बस्तर में बारिश के साथ बढ़ा मलेरिया का खतरा, पांच महीने में सामने आए 617 मरीज

जगदलपुर. बारिश का मौसम शुरू होते ही बस्तर में मलेरिया का खतरा एक बार फिर…

1 hour ago
मध्य प्रदेश में 11% बारिश की कमी, जबलपुर समेत 35 जिले सूखे की चपेट में; 19 जुलाई से भारी बारिश के संकेत

मध्य प्रदेश में 11% बारिश की कमी, जबलपुर समेत 35 जिले सूखे की चपेट में; 19 जुलाई से भारी बारिश के संकेत

भोपाल मध्य प्रदेश में मानसून एक तो देरी से पहुंचा, दूसरी ओर अब मानसून कुछ…

1 hour ago
UCC पर CM मोहन यादव का बड़ा बयान, बोले- ‘रामचंद्र एक शादी करे तो रहीम से भी ऐसी ही उम्मीद’

UCC पर CM मोहन यादव का बड़ा बयान, बोले- ‘रामचंद्र एक शादी करे तो रहीम से भी ऐसी ही उम्मीद’

भोपाल  मध्य प्रदेश में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने की दिशा में सरकार ने…

1 hour ago
CG : मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 से मिली दिव्यांग पेंशन, हितग्राही के चेहरे पर लौटी मुस्कान

CG : मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 से मिली दिव्यांग पेंशन, हितग्राही के चेहरे पर लौटी मुस्कान

शिकायत पर त्वरित कार्रवाई करते हुए समाज कल्याण विभाग ने शुरू कराई पेंशन, हितग्राही ने…

1 hour ago
CG : कलेक्टर ने लाईवलीहुड कॉलेज का किया औचक निरीक्षण

CG : कलेक्टर ने लाईवलीहुड कॉलेज का किया औचक निरीक्षण

पटवारी प्रशिक्षण हेतु आवश्यक व्यवस्था, सड़क निर्माण व कम्प्यूटर खरीद सहित दिए अन्य आवश्यक दिशा-निर्देश…

1 hour ago