रेडीमेड घटिया वर्दी के विरोध में कोटवार संगठन पहुंचा जनसुनवाई

जबलपुर/ मण्डला

बताया बिचौलियों के द्वारा घटिया कपड़े से बनी रेडीमेड जोकर जैसी रेडीमेड वर्दी नहीं लेंगे पहले की तरह कोटवारों के खाते में जमा हो पैसे,कोटवार खुद पसंद के कपड़े खरीदकर सिलाई कराकर पहनेंगे।

                घटिया से घटिया कपड़े से बने रेडीमेड अनफिट वर्दी एवं घटिया सामग्रियां जबरन न थोपे जाने कोटवारों ने जनसुनवाई में आवेदन दिया है। जिसमें यह भी चाहा गया है,कि जिस तरह दो साल पहले इन सामग्रियों को खरीदने के लिए राशि कोटवारों के बैंक खातों में हस्तांतरित की जाती रही है,उसी तरह अब भी जमा कराए जाने का निवेदन किया है। कोटवार संगठन के जिला उपाध्यक्ष एवं प्रदेश प्रवक्ता शंकर दास पड़वार,जिला अध्यक्ष रंजीत पड़वार और संगठन मंत्री कुंवर दास धार्वैया ने संयुक्त रूप से यह भी बताया है,कि कोटवारों को घटिया क्वालिटी के कपड़े से बने ढीली-ढाली जोकर के पहनावे जैसी वर्दी बांटने को लेकर जिले के समस्त तहसीलदारों के लिए हाल ही में कलेक्टर मण्डला के द्वारा आदेश जारी हुआ है।

जिसको सोशल मीडिया पर वायरल होते देख जोकर जैसी वर्दी जबरेन थोपे जाने की प्रक्रिया को लेकर जिले भर के साढ़े सात सौ कोटवारों में आक्रोश की लहर दौड़ गई। जगह-जगह कोटवारों की चिंतन बैठकों का दौर चल गया और मंगलवार 23 सितंबर को जनसुनवाई पहुंच गए। जहां पर निवेदन किया गया है,कि इस संबंध में प्रदेश संगठन के द्वारा हाई कोर्ट में याचिका लगाई गई है।जो विचाराधीन है। जिस पर निर्णय आते तक वर्दी नहीं दिए जाने चाहिए। जबरेन थोपने पर समस्त कोटवार पुरजोर विरोध करेंगे।जनसुनवाई में कलेक्टर के द्वारा दिए गए जवाब से कोटवार संगठन और अधिक चिंताग्रस्त हो गया है।

कलेक्टर ने कहा है,कि शासन के द्वारा प्राप्त दिशानिर्देश का पालन जिला प्रशासन को करना है।जबकि कोटवारों का बस इतना सा निवेदन था,कि पूर्व वर्षों की भांति वर्दी एवं सामग्रियां (दो जोड़ वर्दी, गरम कोट, जूता एवं टॉर्च) की राशि कोटवारों के सीधे बैंक खाते में हस्तांतरण किया जाए।जबकि लगभग एक साल से इस मुद्दे को लेकर जिले से लेकर राज्य स्तर तक ज्ञापन,भेंट और आंदोलनों का दौरा चलाया गया पर सरकार है जो मानने से रही और बिचौलियों को फायदा दिलाने कोटवारों का शोषण करने उतारू हो गई है।इस निवेदन पर कोटवार के पक्ष में सकारात्मक कार्रवाई नहीं होती है,और इसके बाद भी रेडीमेड वर्दी लेने मजबूर करने पर जिले के साढ़े सात सौ कोटवार सारे शासकीय काम बंद करके कलेक्ट्रेट के सामने धरने पर बैठकर काम बंद हड़ताल करने मजबूर हो जाएंगे ।

 जिसकी संपूर्ण जवाबदेही शासन प्रशासन की होगी।इस मौके पर मुख्य रूप से कोटवार संगठन के मार्गदर्शक पी.डी.खैरवार,जिला अध्यक्ष रंजीत पड़वार, जिला संगठन प्रभारी कुंवर दास धार्वैया, कोषाध्यक्ष धीरज बैरागी, सचिव मनोज झारिया सहित बड़ी संख्या में जिले भर के कोटवार पहुंचे।

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