चार साल की बेटी को घर पर छोड़, असम की भारोत्तोलक पल्लवी ने जीता खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स में पदक

रायपुर
जब पल्लवी पायेंग की बेटी सिर्फ छह महीने की थी, तब असम की इस वेटलिफ्टर के सामने एक कठिन फैसला था। या तो वह अपने पसंदीदा खेल को छोड़ दें या फिर अपनी बेटी से दूर रहकर दोबारा ट्रेनिंग शुरू करें। ऐसे समय में उनके पति सुखावन थौमंग ने उन्हें अपने सपनों को आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित किया, जबकि उनकी मां ने बच्चे की देखभाल की जिम्मेदारी संभाली। पल्लवी ने इस त्याग को सार्थक करते हुए यहां आयोजित पहले खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स में महिलाओं के 69 किलोग्राम वर्ग में रजत पदक जीता।

असम की मिसिंग जनजाति से ताल्लुक रखने वाली पल्लवी ने 2018 में वेटलिफ्टिंग की शुरुआत की थी और राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में पदक जीतकर अपनी पहचान बनाई। लेकिन कोविड-19 लॉकडाउन ने उनके खेल जीवन की रफ्तार को रोक दिया। इसी दौरान वह मां बनीं, लेकिन वेटलिफ्टिंग मंच पर वापसी की इच्छा उनके भीतर हमेशा बनी रही। हालांकि, मां बनने के बाद खेल में लौटने का विचार जितना उत्साहजनक था, उतना ही चुनौतीपूर्ण भी।

पल्लवी ने साई मीडिया से कहा, “यह आसान नहीं है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई महिलाओं ने मां बनने के बाद शानदार प्रदर्शन किया है, लेकिन एक महिला ही समझ सकती है कि पूरी फिटनेस में लौटने के लिए उसे किन परिस्थितियों से गुजरना पड़ता है।” उन्होंने कहा, “मैंने अपनी बेटी को तब छोड़ा जब वह सिर्फ छह महीने की थी, ताकि मैं दोबारा ट्रेनिंग शुरू कर सकूं। यह भावनात्मक फैसला था, लेकिन मुझे लगा कि यही सही समय है।” अब चार साल की उनकी बेटी, पल्लवी के सरूपथार स्थित किराए के घर और गोलाघाट जिले के बोरपाथार स्थित नानी के घर के बीच समय बिताती है, जो करीब 20 किलोमीटर दूर है।

यह फैसला आसान नहीं था
बेटी से दूर लंबे समय तक रहना और कई बार अपने निर्णय पर सवाल उठाना, पल्लवी के सफर का हिस्सा रहा। लेकिन परिवार के सहयोग ने उन्हें कभी अकेला महसूस नहीं होने दिया। उन्होंने कहा, “मेरे पति ने हमेशा मेरा साथ दिया है, जबकि मेरी मां यह सुनिश्चित करती हैं कि जब मैं प्रतियोगिताओं के लिए बाहर जाती हूं, तो मेरी बेटी का पूरा ख्याल रखा जाए।” पल्लवी के पति, जो राष्ट्रीय स्तर के पूर्व मुक्केबाजी पदक विजेता रह चुके हैं, वर्तमान में सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) में ड्राइवर के रूप में कार्यरत हैं और जम्मू में तैनात हैं।

इसके बावजूद वापसी का रास्ता बिल्कुल आसान नहीं था। मां बनने के बाद 2023 में गोलाघाट में हुए राज्य चैंपियनशिप में पल्लवी छठे स्थान पर रहीं। अगले साल डिब्रूगढ़ में उन्हें निराशा हाथ लगी, जब प्रतियोगिता देर रात तक चली और वह अपनी लय नहीं बना सकीं। लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। 2025 में उनकी मेहनत रंग लाने लगी। तेजपुर में हुए राज्य चैंपियनशिप में उन्होंने रजत पदक जीता और उसी साल अस्मिता लीग में स्वर्ण पदक हासिल किया। इस वर्ष भी अस्मिता लीग में एक और स्वर्ण जीतकर उन्होंने अपनी वापसी को और मजबूत किया। रायपुर में खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स का यह रजत पदक उनके लिए खास रहा। उन्होंने कहा, “खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स का यह रजत पदक मेरे करियर के लिए एक अहम उपलब्धि है। इससे मुझे आत्मविश्वास मिला है कि मैं इस स्तर की खिलाड़ी हूं।”

Admin

Recent Posts

नगरीय प्रशासन विभाग की सचिव शंगीता आर. ने विकास कार्यों का किया निरीक्षण

नगरीय प्रशासन विभाग की सचिव शंगीता आर. ने विकास कार्यों का किया निरीक्षण

रायपुर स्वच्छता, आवास, तालाब सौंदर्यीकरण एवं ईको पार्क का किया अवलोकन नगरीय प्रशासन एवं विकास…

6 hours ago
खरीफ में धान सहित दलहन-तिलहन फसलों में परम्परागत खाद के साथ वैकल्पिक खाद एवं नैनो यूरिया व डीएपी के उपयोग को दिया जा रहा बढ़ावा

खरीफ में धान सहित दलहन-तिलहन फसलों में परम्परागत खाद के साथ वैकल्पिक खाद एवं नैनो यूरिया व डीएपी के उपयोग को दिया जा रहा बढ़ावा

रायपुर  मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के निर्देश पर कलेक्टर राजनांदगाँव  जितेन्द्र यादव के मार्गदर्शन में…

6 hours ago
पुलिस मुख्यालय परिवार द्वारा 4 सेवानिवृत्त़ कर्मचारियों को दी गई भावभीनी विदाई

पुलिस मुख्यालय परिवार द्वारा 4 सेवानिवृत्त़ कर्मचारियों को दी गई भावभीनी विदाई

भोपाल  ​पुलिस मुख्यालय की विभिन्न शाखाओं से माह मई में सेवानिवृत्त 4 कर्मचारियों को पुलिस…

6 hours ago
किसान चोवाराम एवं बेनीराम ने खाद, बीज के वितरण की व्यवस्था की सराहना की

किसान चोवाराम एवं बेनीराम ने खाद, बीज के वितरण की व्यवस्था की सराहना की

रायपुर      केन्द्र व राज्य सरकार के द्वारा खरीफ वर्ष 2026 के लिए किसानों…

6 hours ago
मध्य प्रदेश में गर्मी से मिली राहत, प्री-मानसून ने दी दस्तक

मध्य प्रदेश में गर्मी से मिली राहत, प्री-मानसून ने दी दस्तक

 भोपाल तप रहे मध्य प्रदेश को भीषण गर्मी से बड़ी राहत मिलने वाली है। प्रदेश…

7 hours ago
प्लांट डॉक्टर किसानों के लिए एआई आधारित स्मार्ट समाधान

प्लांट डॉक्टर किसानों के लिए एआई आधारित स्मार्ट समाधान

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश में वर्ष 2026 को “कृषक कल्याण…

7 hours ago