होम्योपैथिक छात्र एवं छात्राएं 29 सितंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठे है। उनकी मांग है कि स्टाइपेंड में सीपीआई अनुसार वृद्धि की जाए। नवीन डिस्पेंसरी के लिए सरकारी भर्ती में नवीन पदों का सृजन किया जाए, सवेतनीक मेडिकल लिव और समय से शैक्षणिक गतिविधियां करवाई जाए। हड़ताल पर बैठे स्टूडेंट्स का कहना है कि यह एकमात्र शासकीय होम्योपैथिक महाविद्यालय है। उसके बाद भी सरकार ध्यान नहीं दे रही हैं। धरना प्रदर्शन से अस्पताल में आने वाले मरीजों को परेशानी उठानी पड़ रही है। प्रदेश की होम्यापैथिक चिकित्सा सेवा ठप पड़ी है।उन्होंने बताया कि पिछले चार दिन हड़ताल के दौरान उन्होंने मानव श्रृंखला बनाकर, कैंडल मार्च करके अपना सरकार की नीतियों के खिलाफ विरोध जताया। छात्र-छात्राओं ने कहा कि वह अपनी मांगों को लेकर आयुष मंत्री से गुजार लगा चुके है, लेकिन उनकी तरफ से कोई सकारात्मक पहल अब तक नहीं की गई। 

By kgnews

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