भोपाल
गांधी चिकित्सा महाविद्यालय, भोपाल में राज्य स्तरीय नवजात शिशु सुरक्षा कार्यक्रम (एनएसएसके) के तहत ट्रेनिंग ऑफ ट्रेनर्स (टीओटी) का आयोजन किया गया। इसके अंतर्गत जिलों के डिलीवरी प्वाइंट्स पर कार्यरत चिकित्सकों और स्टाफ नर्सों को नवजात शिशु स्थिरीकरण प्रक्रिया में दक्ष बनाने के लिए प्रशिक्षण दिया जा रहा है। गांधी चिकित्सा महाविद्यालय में स्थापित स्टेट न्यूबॉर्न एंड पीडियाट्रिक रिसोर्स सेंटर में आयोजित इस 2 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में 87 शिशु रोग विशेषज्ञों और महिला चिकित्सा अधिकारियों को प्रशिक्षित किया जा रहा है।
इस प्रशिक्षण का उद्देश्य शिशु रोग विशेषज्ञों और चिकित्सा अधिकारियों को नवजात शिशु की देखभाल और स्थिरीकरण में कुशल बनाना है। प्रदेश में शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे जिलों में स्थित स्वास्थ्य केंद्रों पर नवजात शिशुओं को त्वरित और समुचित चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जा सकेगी, जिससे प्रदेश में नवजात शिशु मृत्यु दर को कम किया जा सकेगा। डॉ. ए.के. रावत, डॉ. पूर्वा गोहिया, डॉ. जया उपाध्याय, डॉ. प्रतिभा बामने और डॉ. क्षिप्रा मण्डराहा ने प्रतिभागियों को प्रशिक्षित किया।
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