चितरंगी
मामला चितरंगी मुख्यालय का है जहाँ अवैध रूप से संचालित आधार कार्ड सेंटर एक नीजी दुकान जो राधे कम्प्यूटर संचालित था,उक्त दुकान का मालिक राधेश्याम यादव है, नीचे दुकान में चलने वाला आधार कार्ड सेंटर का मूल स्थान यूनियन बैंक चितरंगी था,लेकिन निर्धारित स्थान पर आधार कार्ड सेंटर संचालित न करके प्राइवेट स्थान मे संचालित थी कहीं ना कहीं ऐसी मनमानी सवालिया निशान खड़ा करती है। इतना ही नहीं उक्त सेंटर का आपरेटर राजेश कुमार जायसवाल जोकि सरई का रहने वाला है। कमल की बात तो यह है कि आधार कार्ड मे हुई त्रुटि को सुधार करवाने हेतु दलालो और प्राइवेट संस्था के लोगो द्वारा प्रत्येक लोगों से 100रुपए और 150रुपए के काम का 500से 1000हजार तक कि वसूली कर आम जनमानस को परेशान कर रहे थे,जिसकी सूचना लगते ही चितरंगी तहसीलदार ऋषिनारायण सिंह ने राजस्व टीम के साथ छापेमार कार्यवाही कर आधार कार्ड सेंटर से मशीन को जब्त किया। वहीं हल्का पटवारी चितरंगी रमाशंकर बैस द्वारा स्थल पंचनामा तैयार किया गया, चितरंगी तहसीलदार के द्वारा कलेक्ट्रेट मे सूचित करते हुए आधार आईडी को बंद कर कार्यवाही कि प्रक्रिया को पूरा किया गया।
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