तमिलनाडु में बंधुआ बनाए गए 24 श्रमिकों का प्रशासन ने कराया सफल रेस्क्यू

तमिलनाडु में बंधुआ बनाए गए 24 श्रमिकों का प्रशासन ने कराया सफल रेस्क्यू

बैतूल के 20 श्रमिक और हरदा के 4 श्रमिकों की सुरक्षित हुई घर वापसी

सभी ने राज्य सरकार का माना आभार
प्रत्येक को मिलेगी 30-30 हजार रुपये की आर्थिक सहायता
बैतूल रेलवे स्टेशन पर कलेक्टर एवं एसपी ने किया श्रमिकों का आत्मीय स्वागत

भोपाल

मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार गरीबों के कल्याण के कार्य निरंतर कर रही हैं। तमिलनाडु के इरोड जिले में बंधुआ बनाकर रखे गए बैतूल जिले के 20 और हरदा के 4 श्रमिकों को राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग, जिला प्रशासन तथा वनवासी कल्याण आश्रम  के त्वरित एवं समन्वित प्रयासों से सफलतापूर्वक रेस्क्यू किया गया। सभी श्रमिकों के बैतूल रेलवे स्टेशन पहुंचने पर स्थानीय कलेक्टर  नरेन्द्र कुमार सूर्यवंशी एवं पुलिस अधीक्षक  वीरेंद्र जैन ने आत्मीय स्वागत किया। वनवासी कल्याण आश्रम के जिला अध्यक्ष  महेश्वर भलावी, जिला श्रम पदाधिकारी  धम्मदीप भगत सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

स्टेशन पर सभी श्रमिकों की पहचान सुनिश्चित की गई। कलेक्टर  सूर्यवंशी ने श्रमिकों से चर्चा करते हुए उन्हें आश्वस्त किया कि प्रशासन द्वारा उनके सुरक्षित घर पहुंचने की समुचित व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि भविष्य में किसी भी प्रकार की समस्या न हो, इसके लिए राजस्व, पुलिस और श्रम विभाग निरंतर उनके संपर्क में रहेंगे। साथ ही श्रम पदाधिकारी को निर्देशित किया कि श्रमिकों से संपर्क बनाए रखते हुए आर्थिक सहायता स्वीकृति हेतु आवश्यक दस्तावेज प्राप्त किए जाएं।

रेलवे स्टेशन से सभी श्रमिकों को उनके गृह ग्राम तक सुरक्षित पहुंचाने के लिए बसों की व्यवस्था की गई तथा भोजन की भी व्यवस्था की गई।सुरक्षित वापसी पर श्रमिकों ने राज्य सरकार और जिला प्रशासन  आभार व्यक्त किया।

जिला श्रम पदाधिकारी  धम्मदीप भगत ने बताया कि उक्त श्रमिक काम करने के लिए तमिलनाडु के इरोड जिले गए थे, जहां होली पर्व पर अवकाश मांगने पर उन्हें छुट्टी नहीं दी गई और बंधुआ बनाकर कार्य कराया जा रहा था। मामले की जानकारी राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के सदस्य  प्रकाश ऊईके माध्यम से मिलते ही बैतूल जिला प्रशासन ने तत्परता दिखाते हुए श्रम, पुलिस एवं राजस्व विभाग के संयुक्त समन्वय से इरोड जिला प्रशासन से संपर्क स्थापित किया और सभी श्रमिकों को मुक्त कराया।

रेस्क्यू किए गए प्रत्येक श्रमिक को शासन द्वारा 30-30 हजार रुपये की आर्थिक सहायता स्वीकृत की जाएगी, जिससे वे अपने जीवन को पुनः व्यवस्थित कर सकें। जिला प्रशासन द्वारा उनके पुनर्वास एवं आवश्यक सहयोग सुनिश्चित करने की भी बात कही गई है।

उन्होंने बताया कि कुल 24 श्रमिकों में से 4 हरदा जिले तथा 20 बैतूल जिले के निवासी हैं। बैतूल के सभी श्रमिक भीमपुर ब्लॉक के काबरा, बोरकुंड, बीरपुरा और बासिंदा ग्राम के रहने वाले हैं। हरदा जिले के चार श्रमिकों को सुरक्षित पहुंचाने की व्यवस्था की गई। उक्त कार्य में समाजसेवी  प्रवीण ढोलके ओर विक्रांत कुमरे ने भी सक्रिय भूमिका निभाई ।

 

Admin

Share
Published by
Admin

Recent Posts

CG Weather Alert: छत्तीसगढ़ में 5 दिन तक मेहरबान रहेगा मानसून, कई जिलों में झमाझम बारिश के आसार

CG Weather Alert: छत्तीसगढ़ में 5 दिन तक मेहरबान रहेगा मानसून, कई जिलों में झमाझम बारिश के आसार

रायपुर. छत्तीसगढ़ में दक्षिण-पश्चिम मानसून का कहर जारी है. तेज बारिश के कारण नदी-नाले उफान…

22 minutes ago
एक पेड़ माँ के नाम के लिए नाला पार कर रहे थे नौनिहाल

एक पेड़ माँ के नाम के लिए नाला पार कर रहे थे नौनिहाल

एक पेड़ माँ के नाम के लिए नाला पार कर रहे थे नौनिहाल 200 मीटर…

33 minutes ago
CG: शराब के नशे में सड़क पर हंगामा कर रहा युवक गिरफ्तार …

CG: शराब के नशे में सड़क पर हंगामा कर रहा युवक गिरफ्तार …

खैरागढ़। जिले में शांति व्यवस्था बनाए रखने और असामाजिक तत्वों पर लगाम लगाने के लिए…

44 minutes ago
CG : पेंशनरों की मांग पर शासन सक्रिय …

CG : पेंशनरों की मांग पर शासन सक्रिय …

रायपुर। भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ द्वारा पेंशनरों को ट्रेजरी व्यवस्था की जटिलताओं एवं प्रक्रियागत बाधाओं…

49 minutes ago
CG : ज्वाइनिंग नहीं देने वाले 29 आरक्षकों की नियुक्ति रद्द …

CG : ज्वाइनिंग नहीं देने वाले 29 आरक्षकों की नियुक्ति रद्द …

रायपुर। आबकारी आरक्षक के पद पर चयन के बावजूद तय समय में कार्यभार ग्रहण नहीं…

54 minutes ago