उज्जैन
महाकाल मंदिर के गर्भगृह में आग लगने के मामले में प्राथमिक जांच रिपोर्ट कलेक्टर नीरज सिंह को सौंप दी गई है। रिपोर्ट में केमिकल युक्त गुलाल से आग लगने की पुष्टि हुई है। मामले में सुरक्षा एजेंसी के कुछ कर्मचारियों को दोषी पाया गया है। इन्हें गुलाल भीतर जाने से रोकना था। इन कर्मचारियों पर कार्रवाई होगी।
गौरतलब है कि ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में गत सोमवार को धुलेंडी(रंग पर्व) के दिन भस्म आरती के दौरान गर्भगृह में लगी आग की मजिस्ट्रियल जांच की गई थी। जांच में यह स्पष्ट हो गया है कि आग केमिकलयुक्त गुलाल उड़ाने से ही भभकी थी। जांच अधिकारियों को सीसीटीवी फुटेज से इसके सबूत मिले हैं।
20 लोगों के बयान दर्ज
जांच समिति में शामिल अधिकारियों ने मंदिर कर्मचारियों, पुजारियों, सेवकों सहित 20 लोगों के बयान दर्ज किए हैं। गुलाल के नमूने लेकर इन्हें जांच के लिए भेजा गया है। इस बीच दर्शनार्थियों को भीतर भेजने से पहले मोबाइल आदि सख्ती से बाहर ही रखवाया जा रहा है। नंदी हाल में फिलहाल प्रवेश रोका गया है। मंदिर प्रबंध समिति ने यह तय किया है कि शनिवार 30 मार्च को रंग पंचमी पर भगवान को एक लोटा रंग अर्पित किया जाएगा। यह टेसू के फूलों और केसर से बना हुआ होगा।
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