एमपी के किसानों के लिए मौसम विभाग ने दी चिंता वाली खबर, समय से पहले फसल पकने के कारण गेहूं का दाना पतला रह जाएगा

भोपाल
 मौसम का सबसे बड़ा ग्राहक किसान होता है। मौसम जब मौज में होता है, तो किसानों का मन प्रफुल्लित हो उठता है। मौसम का मिजाज बिगड़ने का सीधा प्रभाव भी सबसे पहले किसान पर ही होता है। मौसम विभाग ने मार्च में ही लू जैसे हालात बनने की चेतावनी दी है।

आशंका है कि अगर मार्च में ही इतनी गर्मी बढ़ी तो गेहूं की फसल को बड़ा नुकसान हो सकता है। इससे गेहूं का उत्पादन 15 से 20 प्रतिशत तक कम हो जाएगा।

फसलों की कटाई अब होगी शुरू

जिले में रबी फसलों की कटाई का दौर मार्च माह में शुरू होगा। इसके तहत 10 से 15 मार्च के बीच फसलों की कटाई प्रारंभ होगी, जो 15 अप्रेल तक चलेगी। हालांकि अगेती फसलों की कटाई इस माह के अंत तक शुरू होने की उम्मीद है। गेहूं का दाना छोटा रहने पर समर्थन मूल्य पर खरीद में परेशानी होती है। पिछले साल भी काश्तकारों को इसी परेशानी का सामना करना पड़ा था।

उत्पादन में पडेगा फर्क, जल्दी पक जाएगी फसल
तापमान में बढ़ोतरी के कारण गेहूं और जौ की फसल में फर्क पड़ेगा। दाना तो बन जाएगा, लेकिन जल्दी पक जाएगा। इससे उत्पादन में 5-7 प्रतिशत घट सकता है। इसके अलावा अन्य फसलों में कुछ फर्क नहीं पड़ेगा।

अच्छी पैदावार की उम्मीदों पर फिर सकता है पानी

    भोपाल के ग्राम सलैया निवासी कामता पाटीदार ने बताया कि उन्होंने विदिशा जिले के ग्राम दुलई में अपनी 50 एकड़ जमीन में गेहूं की बोवनी की है। धान की फसल लेने के कारण बोवनी जनवरी में हो सकी थी। अभी खेत में गेहूं की हरी फसल खड़ी है। अब बढ़ती धूप देखकर फसल के जल्दी पकने की आशंका है।

    खजूरीकला के किसान मिश्रीलाल राजपूत ने बताया कि जनवरी में ठीक ठाक ठंड पड़ने के कारण इस बार गेहूं की अच्छी पैदावार की उम्मीद थी, लेकिन हरी फसल के दौरान धूप के तीखे तेवर देखकर अरमानों पर पानी फिरता दिख रहा है।

    मध्य प्रदेश के किसानों ने वर्ष 2024-25 के रबी सीजन में 138.25 लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल में फसल लगाई है। इसमें सबसे बड़ा हिस्सा गेहूं का है। सामान्य मौसम में सरकारी एजेंसियों ने इस साल 80 लाख टन गेहूं उत्पादन का अनुमान लगाया है।

नहीं हो पाता है दानों का पूरा विकास

बढ़ते तापमान से गेहूं की बढ़वार रुक जाती है. फसल की लंबाई कम होती है और यह जल्दी पक जाती है. गेहूं में बालियां लगने के बाद दाना भरने के लिए कुछ समय चाहिए होता है. मौसम परिवर्तन के कारण तेज हवा चलती है और तापमान बढ़ जाता है, तो पुष्पन क्रिया शीघ्र हो जाती है. गेहूं की बालियों में दाने नहीं भर पाते हैं. दानों को मजबूती नहीं मिल पाती है, क्योंकि तापमान में तेजी से वृद्धि के कारण दानों का पूरा विकास नहीं हो पाता है और समय से पहले ही दाने परिपक्व हो जाते हैं. दाना कमजोर पड़ जाता है. इससे गेहूं की गुणवत्ता और उपज दोनों पर असर पड़ता है.

गेहूं की फसल में ये काम करें

गेहूं और जौ की फसलों को बढ़ते तापमान प्रभाव से बचाने के लिए दाना भराव और दाना निर्माण की अवस्था पर सीलिसिक अम्ल 15 ग्राम प्रति 100 लीटर का फॉलियर स्प्रे करना चाहिए. सीलिसिक अम्ल का पहला छिड़काव बलियां निकलते समय और दूसरा छिड़काव दूधिया अवस्था पर करने से काफी लाभ मिलेगा. सीलिसिक अम्ल गेहूं को प्रतिकूल परिस्थितियों में लड़ने की शक्ति प्रदान करता है और निर्धारित समय पूर्व पकने में मदद करता है. इससे उपज में गिरावट नहीं होती है. गेहूं और जौ की फसल में जरूरत के अनुसार, बार-बार हल्की सिंचाई करनी चाहिए. इसके अलावा, 0.2 प्रतिशत म्यूरेट ऑफ पोटाश या 0.2 प्रतिशत पोटेशियम नाइट्रेट का 15 दिनों के अंतराल पर दो बार छिड़काव किया जा सकता है.

तापमान से नुकसान से बचने के उपाय

गेहूं और जौ की फसलों में बाली आने पर एस्कॉर्बिक अम्ल के 10 ग्राम प्रति 100 लीटर पानी का घोल छिड़काव करने से अधिक तापमान होने पर भी नुकसान नहीं होगा. गेहूं की पछेती बोई फसल में पोटेशियम नाइट्रेट 13:0:45, चिलेटेड जिंक, चिलेटेड मैंगनीज का छिड़काव भी फायदेमंद होता है. वातावरण में बदलाव के कारण गेहूं की फसल में झुलसा रोग का प्रकोप दिखाई दे रहा है तो इसके नियंत्रण के लिए किसानों को प्रोपिकोनाजोल की एक मिलीलीटर मात्रा प्रति लीटर पानी के घोल को दो बार 10 से 12 दिनों के अंतराल पर छिड़काव करना चाहिए.

दाना पतला पड़ने से पैदावार प्रभावित होगी

    मध्य प्रदेश में पिछले कुछ वर्षों में किसानों का रुझान धान की खेती की तरफ बढ़ा है। धान की कटाई दिसंबर तक होने के कारण गेहूं की बोवनी भी देरी से हो पाती है। इस वजह से अभी गेहूं की फसल हरी है। यह समय दाना के परिपक्व होने का है। तापमान बढ़ने के कारण फसल जल्दी पकने लगेगी। इससे गेहूं का दाना पतला रह जाएगा। इससे गेहूं के उत्पादन में भी 15 से 20 प्रतिशत तक की गिरावट होने की संभावना है। – डॉ. जीएस कौशल, पूर्व संचालक, कृषि विभाग, भोपाल

 

kgnews

Share
Published by
kgnews

Recent Posts

Monsoon 2026: मानसून से पहले उमस का कहर, बैतूल में 90% और भोपाल में 64% ह्यूमिडिटी; IMD का अलर्ट जारी

Monsoon 2026: मानसून से पहले उमस का कहर, बैतूल में 90% और भोपाल में 64% ह्यूमिडिटी; IMD का अलर्ट जारी

भोपाल  देशभर में भीषण गर्मी से परेशान लोग बड़ी शिद्दत से दक्षिण-पश्चिम मानसून का इंतजार…

1 hour ago
मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी ने विद्युत गृहों के निर्बाध संचालन के लिए बनाया तकनीकी निगरानी मॉडल

मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी ने विद्युत गृहों के निर्बाध संचालन के लिए बनाया तकनीकी निगरानी मॉडल

मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी ने विद्युत गृहों के निर्बाध संचालन के लिए बनाया तकनीकी निगरानी…

1 hour ago
MP में शिक्षकों के स्वैच्छिक तबादलों के आवेदन आज से, नए नियमों को लेकर बढ़ा विरोध

MP में शिक्षकों के स्वैच्छिक तबादलों के आवेदन आज से, नए नियमों को लेकर बढ़ा विरोध

भोपाल  मध्य प्रदेश के स्कूल शिक्षा विभाग में मनचाहे स्थान पर तबादले का इंतजार कर…

3 hours ago
CG : पशुपालन विभाग की मैदानी संस्थाओं के संचालन समय में बदलाव…

CG : पशुपालन विभाग की मैदानी संस्थाओं के संचालन समय में बदलाव…

अब सुबह 8 बजे से दोपहर 1 बजे तक मिलेंगी सेवाएं, अवकाश दिवस पर भी…

3 hours ago
CG : अंकसूची के इंतजार में लाखों छात्र, एडमिशन पर मंडराया संकट…

CG : अंकसूची के इंतजार में लाखों छात्र, एडमिशन पर मंडराया संकट…

रायपुर । छत्तीसगढ़ में पांचवीं और आठवीं की केंद्रीकृत परीक्षा देने वाले करीब सात लाख…

3 hours ago