जल जीवन मिशन का काम अंतिम चरण में, 1015 गांवों में हर घर नल से जल का लक्ष्य

सतना
हर घर में नल से शुद्ध पानी की आपूर्ति के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की उच्च प्राथमिकता की जल जीवन मिशन योजना से रीवा संभाग में बड़े पैमाने पर निर्माण कार्य कराये जा रहे हैं। सतना जिले की बाणसागर सतना समूह नल जल परियोजना से सतना जिले के पांच विकासखण्डों के 1015 गांव में पेयजल की आपूर्ति होगी। इससे 2 लाख 50 हजार से अधिक घरों में नल से जल पहुंचेगा। रीवा कमिश्नर अनिल सुचारी ने सतना जिले के गोरसरी, खरमसेड़ा और मार्कण्डेय घाट में नल जल योजना के निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया।

 कमिश्नर ने गोरसरी पहाड में बाणसागर से सतना पानी ले जाने के लिए बनायी जा रही सुरंग का निरीक्षण किया। उन्होंने सुरंग का निर्माण कार्य कर रही निर्माण एजेंसी एलएनटी के प्रतिनिधियों को तय समय सीमा में सुरंग का निर्माण पूरा करने के निर्देश दिये। निर्माण एजेंसी को कई बार चेतावनी देने के बावजूद कार्यों में प्रगति संतोषजनक नहीं है। जब घरों में नल से शुद्ध पानी पहुंचेगा तभी निर्माण कार्यों को पूर्ण माना जाएगा। कमिश्नर ने इसके बाद मार्कण्डेय में बनाये जा रहे इंटेकवेल का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि जल शोधन संयंत्रों का निर्माण कार्य पूरा हो गया है। इंटेकवेल का निर्माण कार्य 15 जुलाई तक पूरा कराएं।

 इसके साथ-साथ पाइप लाइन बिछाने, ट्रांसफार्मर लगाने तथा बिजली कनेक्शन की भी कार्यवाही करें। निर्माण कार्यों को नवम्बर माह तक हर हाल में पूरा कराएं। निरीक्षण के समय उपस्थित कलेक्टर सतना अनुराग वर्मा ने कहा कि हर सप्ताह जलजीवन मिशन के कार्यों की समीक्षा की जा रही है। इसके बावजूद निर्माण एजेंसी कार्य में तत्परता नहीं दिखा रही है। भूमि संबंधी किसी भी तरह की कठिनाई होने पर तत्काल अवगत कराएं। अगस्त माह में पहाड़ से पहले के 237 गांवों में पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करें।

मौके पर उपस्थित निर्माण एजेंसी एलएनटी के प्रतिनिधि ने बताया कि बाणसागर सतना नल जल परियोजना के लिए 1135 करोड़ रूपये की प्रशासकीय स्वीकृत जारी की गयी है। सुरंग की कुल लम्बाई 1500 मीटर है। इसमें से 150 मीटर का कार्य शेष है। इसे अगस्त माह पूर कर लिया जाएगा। इंटेकवेल में पाँच बड़े पंप लगाए जाने हैं जिनमें 4 पंप लगा दिए गए हैं। पांचवे पंप को लगाने का कार्य जारी है। ट्रांसफार्मर लगाने तथा इंटेकवेल तक बांध का पानी पहुंचाने के लिए नहर बनाने का कार्य 31 जुलाई तक पूरा हो जाएगा। परियोजना का कार्य अंतिम रूप से पूरा होने का लक्ष्य मार्च 2024 तक निर्धारित किया गया है। इस परियोजना से नवम्बर माह तक 237 गांवों में जल प्रदाय शुरू हो जाएगा।
 

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