कृषि विश्वविद्यालय द्वारा विकसित मिट्टी परीक्षण किट को मिला भारत सरकार का पेटेंट : किसान अपने खेतों की मिट्टी में उपलब्ध पोषक तत्वों की जांच खुद कर सकेंगे

रायपुर, 30 सितम्बर.  इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डाॅ. एस.के. पाटील के नेतृत्व में मृदा वैज्ञानिकों के एक दल ने खेतों की मिट्टी की जांच के लिए कम लागत वाला चलित मिट्टी परीक्षण किट विकसित किया है जिसकी सहायता से किसान अपने खेतों की मिट्टी में उपलब्ध पोषक तत्वों की जांच स्वयं कर सकेंगे। कृषि विश्वविद्यालय द्वारा विकसित इस चलित मृदा परीक्षण किट की तकनीक को भारत शासन द्वारा पेटेन्ट प्रमाण पत्र प्रदान किया गया है। यह इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय और छत्तीसगढ़ राज्य के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। खेतों तक ले जाने में सुविधाजनक और उपयोग में आसान इस किट की मदद से किसान अपने खेतों की मिट्टी में उपलब्ध नत्रजन, स्फुर और पोटाश जैसे पौधों के लिए आवश्यक प्राथमिक पोषक तत्वों के साथ ही आॅर्गेनिक कार्बन तथा मिट्टी की अम्लीयता अथवा क्षारीयता की जांच कर कृषि एवं बागवानी फसलों के लिए आवश्यक खाद एवं उर्वरकों की मात्रा का निर्धारण कर सकंेगे। कृषि विश्वविद्यालय द्वारा इस किट का व्यवसायिक उत्पादन जल्द शुरू किया जाएगा।

    कुलपति डाॅ. एस.के. पाटील, जो स्वयं एक मृदा वैज्ञानिक हैं, के नेतृत्व में मृदा वैज्ञानिकों के जिस दल ने इस चलित मिट्टी परीक्षण किट की तकनीक विकसित की है उनमें डाॅ. एल.के. श्रीवास्तव, डाॅ. वी.एन. मिश्रा एवं डाॅ. आर.ओ. दास शामिल हैं। लगभग ढ़ाई किलो वजन के इस मिट्टी परीक्षण किट के साथ दी गई निर्देश पुस्तिका एवं सी.डी. की सहायता से किसान स्वयं अपनी खेतों की मिट्टी में उपलब्ध पोषक तत्वों की जांच कर सकते हैं। इस परीक्षण किट में विभिन्न सांद्रता के रासायनिक द्रव, अम्ल, रासायनिक पावडर, फिल्टर पेपर, प्लास्टिक स्टैंड, टेस्ट ट्यूब, फनल, डिस्टिल्ड वाटर, कलर चार्ट आदि दिये गये हैं। मिट्टी के नमूनों में अलग-अलग प्रकार के रसायनों का उपयोग कर विकसित होने वाले रंगों के गहराई के आधार पर मिट्टी में उपलब्ध पोषक तत्वों की मात्रा का पता लगाया जा सकता है। मिट्टी परीक्षण परिणाम तथा उर्वरक अनुशंसाओं के आधार पर प्रमुख फसलों के लिए उर्वरकों की आवश्यक मात्रा की गणना करने का तरीका भी पुस्तिका में दिया गया है। मिट्टी की जांच के आधार पर किसान विभिन्न फसलों के लिए आवश्यक यूरिया, सुपर फास्फेट, पोटाश तथा चूने की आवश्यक मात्रा का निर्धारण कर सकेंगे। 

उल्लेखनीय है कि भारत सरकार द्वारा देश भर के किसानों को उनकी खेतों की मिट्टी के परीक्षण के उपरांत स्वाइल हेल्थ कार्ड दिया जा रहा है। स्वाइल हेल्थ कार्ड में किसे खेत में किस पोषक तत्व की कमी है इस बात का स्पष्ट उल्लेख किया जाता है। छत्तीसगढ़ के सभी जिला मुख्यालयों में मिट्टी परीक्षण केन्द्रों की स्थापना की गई है जहां से परिणाम प्राप्त होने में चार से पांच दिन लग जाते हैं और आने-जाने में अलग से व्यय होता है। पोर्टेबल मिट्टी परीक्षण किट से अब किसानों की मिट्टी परीक्षण प्रयोगशालाओं पर निर्भरता समाप्त हो जाएगी। इससे भविष्य में कृषि के क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव आएंगे। 

kgnews

Recent Posts

कलेक्टर के निर्देशन में एसडीएम ने वेंकटनगर सहकारी समिति का किया निरीक्षण

कलेक्टर के निर्देशन में एसडीएम ने वेंकटनगर सहकारी समिति का किया निरीक्षण

अनूपपुर.  कलेक्टर हर्षल पंचोली के निर्देशन में अनुविभागीय अधिकारी राजस्व जैतहरी श्री कमलेश पुरी ने…

5 hours ago
जिला चिकित्सालय अनूपपुर में निःशुल्क मेगा स्वास्थ्य शिविर सम्पन्न

जिला चिकित्सालय अनूपपुर में निःशुल्क मेगा स्वास्थ्य शिविर सम्पन्न

अनूपपुर.  जिला चिकित्सालय अनूपपुर में एस.वी. सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल एवं रिसर्च सेंटर, शहडोल तथा जिला चिकित्सालय…

5 hours ago
गोविंद गोयल बोले- आवासीय परिसरों में संचालित व्यापार पर कार्रवाई तत्काल रोकी जाए

गोविंद गोयल बोले- आवासीय परिसरों में संचालित व्यापार पर कार्रवाई तत्काल रोकी जाए

भोपाल.  17 एवं 20 जुलाई को नगर निगम भोपाल द्वारा आवासीय परिसरों में संचालित व्यावसायिक…

5 hours ago
फास्ट ट्रैक कोर्ट में 3 माह में होगा परीक्षा जैसे अन्य मामलों का निराकरण : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

फास्ट ट्रैक कोर्ट में 3 माह में होगा परीक्षा जैसे अन्य मामलों का निराकरण : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

फास्ट ट्रैक कोर्ट में 3 माह में होगा परीक्षा जैसे अन्य मामलों का निराकरण :…

5 hours ago
जबलपुर हाईकोर्ट की सख्ती का बड़ा असर: NHAI ने टोल टैक्स में की 70 फीसदी तक की कटौती

जबलपुर हाईकोर्ट की सख्ती का बड़ा असर: NHAI ने टोल टैक्स में की 70 फीसदी तक की कटौती

जबलपुर बदहाल रोड के बावजूद टोल वसूली पर जबलपुर हाईकोर्ट ने सख्ती दिखाई है। इस…

5 hours ago
CG Crime News: 9वीं के छात्र का जंगल में मिला शव, चेहरे पर पत्थर से हमला, हत्या की आशंका

CG Crime News: 9वीं के छात्र का जंगल में मिला शव, चेहरे पर पत्थर से हमला, हत्या की आशंका

अंबिकापुर. अंबिकापुर के टिहरी जंगल में 9वीं कक्षा के छात्र की बेरहमी से हत्या कर…

6 hours ago