राजनांदगांव| वनांचल के औंधी क्षेत्र में बाघ ने एक बार फिर दहशत फैला दी है। 12 मई की रात निरेली गांव से दो किलोमीटर की दूरी पर बाघ ने मवेशी का शिकार किया। दूसरे दिन जंगल में स्थित तालाब में व्यस्क बाघ के पदचिन्ह पाए गए हैं। यह बाघ पिछले चार महीनों से औंधी के जंगल में सक्रिय है। इस घटना के बाद क्षेत्र में चल रहे तेंदूपत्ता संग्रहण में जुटे संग्राहकों की सुरक्षा को लेकर खतरा पैदा हो गया है।
औंधी क्षेत्र में बाघ की मौजूदगी की पुष्टि वन विभाग ने की है। डीएफओ दिनेश पटेल ने बताया कि 12 मई बस्ती के पास बाघ ने शिकार किया है। घटनास्थल के समीप ही तालाब के पास उसके पगमार्क भी मिले हैं। संभवत: वह पानी पीने तालाब में उतरा होगा। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में तेंदूपत्ता संग्रहण काम भी जारी है। संग्राहकों को सतर्क रहने, अकेले जंगल में न जाने और रात में घर से बाहर न निकलने की हिदायत दी है।
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