राजनांदगांव हॉकी ओलंपियन एसवी सुनील। 10 साल की उम्र से स्टिक पकड़कर अपनी हुनर का लोहा मनवा चुके इंडिया टीम के बेस्ट फारवर्ड खिलाड़ी परिचय के मोहताज नहीं हैं। वे फिलहाल हॉकी की नर्सरी राजनांदगांव में आयोजित महंत राजा सर्वेश्वर दास स्मृति अखिल भारतीय हॉकी स्पर्धा में पेट्रोलियम बोर्ड नई दिल्ली का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।
एसवी सुनील का पूरा नाम सोमवारपेट विट्टालाचार्य सुनील है। जो कर्नाटक के एक छोटे से गांव कुर्ग के रहने वाले हैं। वे 2012 से इंडिया टीम का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। 14 सालों तक भारत के लिए स्टिक पकड़कर अपने जज्बे का जौहर दिखाते हुए तकरीबन सभी देशों के खिलाफ गोल दाग चुके हैं। वे बेस्ट फारवर्ड खिलाड़ी हैं। अपने कॅरियर में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलते हुए उन्होंने 75 गोल दागे हैं और युवा खिलाड़ियों के आईकॉन बने हुए हैं।
हॉकी की बदौलत ही वे में भारत पेट्रोलियम कंपनी बैंगलोर में मैनेजर के पद पर नौकरी भी कर रहे हैं। सुनील राजनांदगांव में घास वाले मैदान के समय से यहां हॉकी खेलने आ रहे हैं। राजनांदगांव उन्हें बहुत भाता है। हॉकी और यहां के खेल-खिलाड़ियों को लेकर उन्होंने पत्रिका से अपना अनुभव साझा किए। उसके कुछ अंश…
