राजनांदगांव , राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के शताब्दी वर्ष के अवसर पर शहर में एक प्रमुख जन गोष्ठी का आयोजन किया गया। मध्य क्षेत्र प्रचारक स्वप्निल कुलकर्णी ने कहा कि संघ का मूल ध्येय राष्ट्र को परम वैभव की ओर ले जाना है। निजी होटल के सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम में विभिन्न समाजों के प्रमुख जनों की उपस्थिति रही। कार्यक्रम में विभाग संघ चालक राजेश ताम्रकार और जिला संघ चालक राधेश्याम शर्मा मंचस्थ थे। अतिथियों ने विशाल जन सभा को संबोधित किया।

स्वप्निल कुलकर्णी ने स्पष्ट करते कहा कि परम वैभव का अर्थ केवल शक्तिशाली राष्ट्र बनना नहीं, बल्कि भारत को विश्व का सबसे आदर्श और श्रेष्ठ देश बनाना है। भारत को आगे बढ़ाना है, लेकिन उसकी मूल पहचान एवं सांस्कृतिक स्वरूप को बनाए रखते हुए ही यह संभव है। उन्होंने धर्म की व्याख्या करते हुए इसे जीवन के शाश्वत मूल्यों से जोड़ा और कहा कि इन्हीं मूल्यों पर सशक्त राष्ट्र की नींव टिकी होती है। संघ की 100 वर्षों की विकास यात्रा एवं भविष्य की सामाजिक जिम्मेदारियों पर चर्चा हुई। सांसद संतोष पांडेय, पूर्व सांसद अभिषेक सिंह, कोमल सिंह राजपूत, जितेंद्र साहेब, देवेंद्र साहब, स्वामी अनंतानंद, किशोरीलाल महाराज, एमडी ठाकुर, कन्हैया लाल खोबरागड़े, विजय राय, हीरा भाई पटेल, हसन अली, इरफान खान, दादूराम सोनकर, डॉ. पवन जेठानी, डॉ. मिथलेश शर्मा, डॉ. भालेराव, नीरज बाजपेई, सीए राजेश जैन, प्रफुल्ल कोठारी, सागर चितलंगिया, करनैल सिंह भाटिया समेत प्रबुद्धजन मौजूद रहे।

संघ के कार्यक्रम में सभी समाज के लोग सहभागी पहले सत्र में स्वप्निल कुलकर्णी ने उपस्थित जनों के प्रश्नों के सारगर्भित उत्तर दिए। कार्यक्रम की विशेषता रही कि इसमें पहली बार शहर में आयोजित संघ के किसी कार्यक्रम में मुस्लिम एवं ईसाई समाज सहित विभिन्न वर्गों के प्रबुद्ध जनों को आमंत्रित किया गया। संघ के शताब्दी वर्ष पर प्रमुख जन गोष्ठी का आयोजन किया जिसे सुनने सभी समाज से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे थे। विभिन्न समाजों के प्रबुद्ध नागरिकों की भागीदारी रही। प्रश्नों एवं जिज्ञासाओं का समाधान किया गया।

By kgnews

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