राजनांदगांव। बच्चों और महिलाओं को सुपोषित बनाने के लिए जिले में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। इन सभी कार्यक्रमों का उद्देश्य कुपोषण को मिटाना है। इसी कड़ी में युवा एवं खेल मंत्रालय भारत सरकार के अधीनस्थ नेहरू युवा केन्द्र राजनांदगांव की ओर से छुरिया ब्लॉक मुख्यालय के नजदीक ग्राम पंचायत घोघरे में महिला एवं बाल विकास विभाग के सहयोग से कुपोषण मुक्ति के लिए विभिन्न प्रकार की खाद्य सामग्रियों की प्रदर्शनी लगाई गई। इस अवसर पर सही पोषण ही बेहतर विकास की नींव का नारा देते हुए ग्रामीणों को सुपोषण के लिए प्रेरित किया गया। नेहरू युवा केन्द्र के ब्लाक युवा समन्वयक सुखेन साहू ने महिलाओं को जागरूक करते हुए कहा, सही पोषण ही बेहतर विकास की नींव है, जो चीजें हमारे पास गांव में ही मौजूद हैं उसका भरपूर उपयोग करें। समय-समय पर आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और मितानिनों से जरूरी सलाह लेते रहेंगे तो निश्चित ही हम अपने देश को कुपोषण मुक्त बना सकते हैं।
महिला एवं बाल विकास विभाग की मितानिन प्रशिक्षक बिजमा उइके ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहाए आंगनवाड़ी में रोहिणी सबसे बेहतर काम कर रहीं हैं। उन्होंने गांव की महिलाओं से अपील करते हुए कहा कि, बच्चों को कुपोषित होने से बचाना है तो आंगनबाड़ी केन्द्र में होने वाली गतिविधियों से जरूर जुड़ें। आंगनबाड़ी के लाभ को अपनाएं। इसके साथ-साथ रेडी-टू-ईट, हरी सब्जियों, अंडा और खासकर मुनगा जैसे चीजों को अपने दैनिक जीवन मे अपनाएं और कुपोषण से मुक्ति पाएं।कार्यक्रम में नेहरू युवा केन्द्र के ब्लाक युवा समन्वयक ललित साहू, सुखेन साहू, दिव्यांग युवा टेकराम, घोघरे की पंच मालती बाई और ललिता बाई के साथ ही मितानिन जानकी बाई साहू, सावित्री बाई नेताम और लता बाई उपस्थित रहीं। कार्यक्रम नेहरू युवा केन्द्र के जिला युवा समन्वयक देवेश सिंह के निर्देशन में संपन्न हुआ।
कुपोषण मुक्त गांव बनाना उद्देश्य
कार्यक्रम में यह भी पता लगा कि घोघरे गांव की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सुश्री रोहिणी नेताम ने अपने गांव को कुपोषण मुक्त बनाने के लिए वास्तव में कमर कस ली है। वे काफी अच्छा कार्य कर रही हैं। वह हितग्राहियों को समय-समय पर उचित मार्गदर्शन देती रहती हैं और गोद भराई, उचित पोषण आहार, रेडी-टू-ईट या वजन जांचने जैसे क्रियाकलापों के प्रति सक्रिय रहती हैं। इससे गांव की महिलाएं उनसे काफी प्रभावित हैं और लोग उनकी कही बातों का अपने जीवन में अनुसरण भी करते हैं।
अलग-अलग खाद्य पदार्थों की लगाई प्रदर्शनी
प्रदर्शनी में प्रमुख रूप से मूंगफली, केला, कुंदरू, कद्दू, अंडे, पपीता, सोया बड़ी, चना, उड़द, अरहर दाल, बटरा, पापड़, प्याज, आलू, मुनगा भाजी, कांदा भाजी, पोई भाजी, मास्टर भाजी और मीठा नीम जैसी विभिन्न प्रजातियों को रखा गया। साथ ही महिलाओं को इसके सेवन से होने वाले फायदे भी बताए गए।
रायपुर स्वामी आत्मानंद शासकीय अंग्रेजी माध्यम आदर्श महाविद्यालय, अंबिकापुर (सरगुजा) और मुहिम फाउंडेशन फॉर पार्टिसिपेटरी…
रायपुर, यूपीएससी 2025 के छत्तीसगढ़ टॉपरों ने वित्त मंत्री ओपी चौधरी से की सौजन्य मुलाकात…
रायपुर छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के अंतर्गत जशपुर जिले में पशु सखियों को…
बिश्रामपुर नगर से लगे सरस्वतीपुर-रामनगर-सूरजपुर मार्ग की बदहाल स्थिति से परेशान ग्रामीणों का सब्र आखिरकार…
रायपुर माँ बनभौरी धाम में नतमस्तक हुए पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल पर्यटन, संस्कृति,…
भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश प्रत्येक क्षेत्र में निरंतर प्रगति…