कारोबारी वंदना गुप्ता को डिजिटल अरेस्ट कर 1 करोड़ 60 लाख रुपये की ठगी के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली

इंदौर
इंदौर की शेयर कारोबारी वंदना गुप्ता को डिजिटल अरेस्ट कर 1 करोड़ 60 लाख रुपये की ठगी के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने दो और आरोपियों को उत्तर प्रदेश से पकड़ लिया है। एक आरोपी थोक कारोबारी है। वह साइबर ठगों के गिरोह के लिए कमीशन पर करंट बैंक खाते उपलब्ध कराता था। उसके खाते में 12 राज्यों से 1 करोड़ 66 लाख रुपये जमा हुए हैं।

आरोपी को कमीशन के बदले मिले 3 लाख
इंदौर के एडिशनल डीसीपी (अपराध) राजेश दंडोतिया ने बताया कि उत्तर प्रदेश के श्रावस्ती निवासी मनोज श्रीवास्तव और लखनऊ के आगम साहनी को गिरफ्तार किया है। मनोज परचून का थोक कारोबारी है। उसने आगम के कहने पर करंट खाता ठगों को उपलब्ध कराया था। इसके बदले मनोज को 3 लाख रुपये कमीशन मिला था।

12 राज्यों की पुलिस कर रही इन आरोपियों की तलाश
कारोबारी वंदना गुप्ता से ठगी करने वाले साइबर ठगों के गिरोह ने मनोज के खाते में 25 लाख रुपये जमा करवाए थे। पुलिस ने खाते की जांच की तो 1 करोड़ 66 लाख रुपये का ट्रांजेक्शन मिला। यह रकम 12 राज्यों से 23 लोगों के साथ हुई ठगी की है। इन मामलों की बिहार, गुजरात, हरियाणा, मेघालय, तमिलनाडु, बंगाल, असम, केरल, ओडिशा, महाराष्ट्र, तेलंगाना और मध्य प्रदेश पुलिस जांच कर रही है।

इंदौर पुलिस ने अब तक गिरफ्तार किए 13 आरोपी
बता दें कि महिला कारोबारी को डिजिटल अरेस्ट करके ठगी के इस मामले में इंदौर पुलिस अब तक 13 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। पुलिस के मुताबिक, लखनऊ से गिरफ्तार आरोपित आगम साहनी ने पूछताछ में बताया कि वह टेलीग्राम ग्रुप के माध्यम से ठग गिरोह से जुड़ा था। उसने मनोज से खाता लेकर गिरोह को उपलब्ध कराया था।

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