CG : धमतरी में औद्योगिकीकरण की नई दिशा : शासन और प्रशासन के ठोस प्रयासों के चलते

जिले में औद्योगिकरण की नई लहर दिख रही

  • विशेष लेख: शशिरत्न पाराशर, उप संचालक 

धमतरी,

जिले में औद्योगिकरण की नई लहर दिख रही

छत्तीसगढ़ का धमतरी जिला अपनी भौगोलिक स्थिति, कृषि संपन्नता और संसाधनों की प्रचुरता के कारण औद्योगिक मानचित्र पर तेजी से उभर रहा है। राजधानी रायपुर और औद्योगिक नगरी दुर्ग-भिलाई के निकट होने से यह जिला निवेश और औद्योगिक गतिविधियों के लिए अत्यंत उपयुक्त सिद्ध हो रहा है। शासन और प्रशासन के ठोस प्रयासों के चलते जिले में औद्योगिकीकरण की नई लहर दिखाई दे रही है। इससे न केवल स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ रहे हैं बल्कि जिले की आर्थिक प्रगति को भी नई गति मिल रही है। 

मुख्यमंत्री की पहल और औद्योगिक क्षेत्र का विकास
हाल ही में प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा धमतरी जिले के करेली बड़ी और भालूझूलन में फूड पार्क का शिलान्यास एवं लोकार्पण किया गया। यह फूड पार्क कृषि आधारित उद्योगों को नई दिशा प्रदान करेगा तथा किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य दिलाने में सहायक होगा। इसके अतिरिक्त करेली बड़ी, भालूझूलन और जामगांव में औद्योगिक क्लस्टरों का विकास किया गया है। ये स्थल रायपुर से अत्यंत निकट होने के कारण निवेशकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बन रहे हैं।

जिले में औद्योगिकरण की नई लहर दिख रही

धमतरी जिले में पाँच औद्योगिक क्लस्टरों की योजना है। इनमें से तीन क्लस्टरों का लोकार्पण हो चुका है तथा शेष का भूमिपूजन शीघ्र ही किया जाएगा। इन क्लस्टरों से सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों (MSME) को मजबूती मिलेगी। इससे स्थानीय स्तर पर उत्पादन क्षमता बढ़ेगी और युवाओं को बड़े पैमाने पर रोजगार उपलब्ध होगा।

मेगा फूड पार्कों की संभावनाएँ

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धान की प्रचुर उपज के कारण धमतरी को “धान का कटोरा” कहा जाता है। जिले में धान से संबंधित उद्योगों जैसे राइस मिल, चावल आधारित प्रसंस्कृत उत्पाद, पैकेजिंग इकाइयाँ और बाय-प्रोडक्ट उद्योगों की अपार संभावनाएँ हैं। इसी दृष्टि से शासन द्वारा छाती और कचना में मेगा फूड पार्क की स्थापना का प्रस्ताव तैयार किया गया है। विशेष रूप से छाती क्षेत्र का प्रस्ताव भारत सरकार को भेजा गया है। इसके स्वीकृत होने पर जिले की औद्योगिक संरचना और अधिक सुदृढ़ होगी।

इन मेगा फूड पार्कों में धान, सब्ज़ी, दलहन और अन्य कृषि उत्पादों का वैज्ञानिक एवं आधुनिक तकनीक से प्रसंस्करण किया जाएगा। तैयार उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुँचाने की योजना है। इससे किसानों की आय में वृद्धि होगी और जिले की आर्थिक स्थिति और मजबूत बनेगी।

प्रशासन की सक्रियता और कलेक्टर की भूमिका

जिले में औद्योगिकीकरण को गति देने में प्रशासन की भूमिका उल्लेखनीय है। कलेक्टर अबिनाश मिश्रा स्वयं औद्योगिक योजनाओं के क्रियान्वयन पर सतत् निगरानी रख रहे हैं। उनके मार्गदर्शन में उद्योगों के लिए अनुकूल माहौल तैयार किया गया है तथा निवेशकों को आवश्यक सहयोग दिया जा रहा है। श्री मिश्रा ने विभागीय अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सभी कार्य समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से पूरे हों।

वर्तमान में मेगा फूड पार्क बगौद (तहसील कुरूद) में औद्योगिक भूमि का आबंटन किया जा रहा है। यहाँ अब तक 13 उद्योग उत्पादन में आ चुके हैं, जिनमें 63.84 करोड़ रुपये का निवेश हुआ है और 236 लोगों को रोजगार मिला है। इसके अलावा 25 उद्योग निर्माणाधीन हैं, जिनमें 116.59 करोड़ रुपये का निवेश एवं 446 रोजगार प्रस्तावित हैं।

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हाल ही में मुख्यमंत्री द्वारा ग्राम करेलीबड़ी (तहसील मगरलोड) और ग्राम भालूझूलन (तहसील कुरूद) में नवीन औद्योगिक क्षेत्र की स्थापना हेतु क्रमशः 14.00 हेक्टेयर एवं 11.00 हेक्टेयर भूमि पर कुल 19.38 करोड़ रुपये की लागत की परियोजना का शिलान्यास किया गया है। इसी प्रकार ग्राम जामगांव (तहसील कुरूद) में 10.00 हेक्टेयर भूमि पर 6.43 करोड़ रुपये की लागत से औद्योगिक क्षेत्र का निर्माण पूरा किया गया है, जिसका लोकार्पण मुख्यमंत्री द्वारा किया गया l

इसके अतिरिक्त ग्राम छाती (तहसील धमतरी) एवं ग्राम कचना (तहसील भखारा) में क्रमशः 18.21 हेक्टेयर एवं 8.42 हेक्टेयर भूमि औद्योगिक लैण्ड बैंक हेतु हस्तांतरित की गई है। छाती क्षेत्र एनएच-30 से लगा हुआ है तथा कचना धमतरी-रायपुर मार्ग पर रायपुर से मात्र 30 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। वहीं ग्राम श्यामतराई (तहसील धमतरी) में 8.83 हेक्टेयर भूमि पर औद्योगिक क्षेत्र का निर्माण लगभग पूर्ण हो चुका है, जिसका लोकार्पण शीघ्र किया जाएगा।

  इसके अलावा लगभग 90 हेक्टेयर भूमि पर पाँच अन्य औद्योगिक क्षेत्रों की स्थापना की तैयारी की जा रही है। यह पूरा विकास कार्य रायपुर-धमतरी इकोनामिक कॉरिडोर के रूप में आकार ले रहा है।

भविष्य की संभावनाएँ
धमतरी की भौगोलिक स्थिति, कृषि संसाधन और रायपुर से निकटता इसे निवेश के लिए आदर्श स्थल बना रहे हैं। आने वाले समय में यहाँ खाद्य प्रसंस्करण, कृषि आधारित उद्योगों, MSME इकाइयों और बड़े औद्योगिक प्रतिष्ठानों की स्थापना से जिले का औद्योगिक स्वरूप और अधिक विकसित होगा।

 धमतरी का औद्योगिकीकरण न केवल स्थानीय स्तर पर आर्थिक दशा को बदलने वाला है, बल्कि यह छत्तीसगढ़ एवं देश के औद्योगिक विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान देगा। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व और कलेक्टर अबिनाश मिश्रा की सक्रियता से जिले में उद्योगों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार हुआ है। कृषि और उद्योग के संगम से धमतरी का भविष्य अत्यंत उज्ज्वल है। आने वाले समय में धमतरी निश्चित रूप से छत्तीसगढ़ के औद्योगिक विकास की धुरी बनेगा।

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