धार की टीही टनल का काम अधूरा, 60 मीटर खुदाई बाकी; 12 मीटर में बिछाया गया ट्रैक

इंदौर
 इंदौर-दाहोद नई रेल लाइन प्रोजेक्ट के तहत टीही के आगे टनल बन रही है। टनल के एक हिस्से (टीही एंड, पी-1) पर 60 मीटर का काम बचा है। सारी मशीनरी और लेबर यहीं लगी हुई है। इसे रेलवे 15 दिन में पूरा कर लेगा। इसके बाद तीन किमी लंबी टनल की लाइनिंग का काम पूरा हो जाएगा।

इसी टनल के बीच के हिस्से में कट एंड कवर था, उसे रेलवे ने पूरा कर लिया है, अब यहां लिफ्ट और सीढ़ियों का काम चल रहा है। टनल के सबसे आखिरी हिस्से (पीथमपुर एंड, पी-2) में काम पूरा कर ट्रैक बिछाने के लिए यह हिस्सा दे दिया गया है।

कंस्ट्रक्शन कंपनी से जुड़े लोगों ने कहा– टनल का कुल 261 मीटर का काम बचा था, इसमें से 201 मीटर काम कर लिया है। बचा काम 15 दिन में पूरा कर लिया जाएगा। रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी कहते हैं टनल का लाइनिंग काम 8 जुलाई तक पूरा करने का लक्ष्य है। दो पारियों में 12-12 घंटे की शिफ्ट में 300 मजदूर काम कर रहे हैं।

ऐसे तैयार हो रहा प्रोजेक्ट

    शिलान्यास: 18 फरवरी 2008
    लागत वर्तमान में: 1680 करोड़ से ज्यादा।
    कुल 200.97 किमी लंबी लाइन।

    वर्तमान स्थिति: टीही तक का काम पूरा हो गया है। दूसरी ओर दाहोद से कटवाड़ा और आगे कुछ हिस्से में काम चल रहा है।
    देरी का खामियाजा: 678.56 करोड़ रुपए लागत थी। प्रोजेक्ट के हर साल देरी के साथ लागत भी बढ़ती जा रही है।

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टाइमलाइन बनाकर काम कर रहे
हर दिन की टाइमलाइन बनाकर काम कर रहे हैं। टीही एंड पर जिस हिस्से में टनल का काम चल रहा है, उससे 1208 मीटर आगे तक रेलवे ने ट्रैक बिछा लिया है। यहां बैलास्ट लेस ट्रैक बिछाया जा रहा है, जो आम ट्रैक से अलग और खास होता है। करीब 1800 मीटर से ज्यादा हिस्से में ट्रैक बिछाने का काम बचा है। रेलवे का कहना है कि हर दिन 50 से ज्यादा मीटर हिस्से में ट्रैक का फाउंडेशन तैयार किया जा रहा है। टनल के अंदर केबल-ट्रे, सीसीटीवी, ओएचई ब्रैकेट लगाने का काम भी तेजी से चल रहा है।

फरवरी 2026 तक काम पूरा होना था
रेलवे ने पहले टनल का काम पूरा करने का लक्ष्य फरवरी-2026 रखा था। अब संभावना है कि सितंबर-अक्टूबर तक धार तक ट्रेन चलाई जा सकती है। हालांकि रेलवे का कहना है कि टनल का काम काफी चुनौतीपूर्ण है, इसलिए समय लग रहा है। दो-तीन महीने का समय और लग सकता है। बारिश के कारण फिर काम की गति धीमी हो सकती है।

टनल की वजह से ही अटका है काम
रेलवे एक्सपर्ट नागेश नामजोशी ने कहा- 2017-18 से टनल का काम चल रहा है। कोरोना के बाद कॉन्ट्रैक्ट भी शॉर्ट टर्मिनेट हुए। फिर नए सिरे से कॉन्ट्रैक्ट होकर काम शुरू हुआ। टनल की वजह से काफी समय लग गया। रेलवे को चाहिए कि अब तेजी से काम कर जल्द से जल्द पूरा करें। उन्होंने यह भी कहा- 2007-08 में इंदौर-दाहोद रेल प्रोजेक्ट तैयार हुआ और इसका शिलान्यास हुआ तब मूल प्रोजेक्ट में टीही के आगे टनल नहीं थी।

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यह प्रोजेक्ट हमारे लिए महत्वपूर्ण
    इंदौर-दाहोद प्रोजेक्ट हमारे लिए सबसे अहम है। टीही टनल का काम जल्द पूरा हो और धार तक ट्रेन का संचालन शुरू हो, इसके लिए हम टाइम लाइन बनाकर काम काम कर रहे हैं। हर दिन की मॉनिटरिंग की जा रही है। टनल में हमने सारे संसाधन लगाए हैं, 300 से ज्यादा मजदूर 24 घंटे काम कर रहे हैं। – विनीत अभिषेक, सीपीआरओ, पश्चिम रेलवे

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