राजनांदगांव , मौसम में बदलाव और बारिश के बीच जिला अस्पताल में मरीजों की संख्या बढ़ गई है। यहां ओपीडी काउंटरों की संख्या कम है। वर्तमान में केवल 3 और वहीं 100 बेड मदर एंड चाइल्ड केयर अस्पताल में 1 कुल 4 काउंटरों में ओपीडी पर्ची बन रही है। ऐसे में यहां कम से कम और 2 काउंटर बढ़ाने की जरूरत है। इन काउंटरों में मरीज और परिजनों की लंबी लाइन लग रही। जब तक ओपीडी पर्ची और टेस्ट पर्ची बनती है। ओपीडी समय खत्म हो जाता है। ऐसे में मरीज और परिजनों को इलाज कराने दूसरे दिन आना पड़ रहा।
जिला अस्पताल में डॉक्टर्स नियम और समय अनुसार दोपहर 1 बजे तक सेवा देते है। मरीजों को प्राथमिक जांच कराने ओपीडी पर्ची बनानी पड़ती है। वहीं कुछ ब्लड और यूरीन टेस्ट लिखे जाते है। इसके लिए दोबारा पर्ची बनानी पड़ रही जिसमें समय लगता है। किसी तरह पर्ची बन जाए और सैंपल दे दिया जाए तो भी इसकी रिपोर्ट मिलने में देरी के कारण मरीज अगले दिन इसकी रिपोर्ट डॉक्टरों को दिखा पाते है। रिपोर्ट के आधार पर दवा दी जाती है। इसमें अनावश्यक विलंब होता है। बीमारियों का सीजन शुरू होने के साथ ओपीडी पंजीयन काउंटर बढ़ाने की जरूरत है।
आभा एप का उपयोग नहीं कर रहे मरीज और परिजन मरीजों की सुविधा के लिए यहां आभा एप का स्टाल लगाया गया है। इसमें मरीज अपनी परेशानी और सिर्फ अपने मोबाइल का नंबर बता कर ऑनलाइन माध्यम से पर्ची बनवा सकते है। इसका नंबर बताने पर ओपीडी पर्ची काउंटर से मरीजों को पर्ची बन कर मिल जाती है। इससे समय बचता लेकिन ओपीडी पंजीयन काउंटर में पहले से लंबी कतार होने के कारण केवल प्रिंट निकालने में भी समय लगता है। कुछ लोग ओटीपी नंबर बताने से ठगी का शिकार होने की आशंका में इसका उपयोग नहीं करते हैं।
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