जांच समिति ने छात्रों की कमजोर तैयारी को बताया कारण, एनएसयूआई प्रदेश महासचिव राजा यादव बोले—प्राध्यापक की जिम्मेदारी तय क्यों नहीं?
राजनांदगांव। शासकीय शिवनाथ महाविद्यालय में प्रथम सेमेस्टर की गणित विषय की परीक्षा में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों के अनुत्तीर्ण होने के मामले में गठित तीन सदस्यीय समिति की जांच रिपोर्ट सामने आ गई है। रिपोर्ट में विद्यार्थियों के कमजोर होने और परीक्षा की पर्याप्त तैयारी नहीं करने को परिणाम खराब होने का प्रमुख कारण बताया गया है। एनएसयूआई ने जांच रिपोर्ट पर असंतोष जताते हुए इसे एकतरफा करार दिया है।

एनएसयूआई के प्रदेश महासचिव राजा यादव ने बताया कि प्रथम सेमेस्टर की गणित विषय की परीक्षा में कुल 48 विद्यार्थी शामिल हुए थे। इनमें से केवल 4 विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए, जबकि शेष 44 विद्यार्थियों को एटीकेटी मिली थी। बड़ी संख्या में विद्यार्थियों के असफल होने के बाद एनएसयूआई ने छात्रों के साथ मिलकर इस मामले को लगातार उठाया और महाविद्यालय प्रशासन से जांच समिति गठित करने की मांग की थी।
मामले की जांच के लिए महाविद्यालय प्रशासन ने तीन सदस्यीय समिति का गठन किया था। समिति ने अपनी रिपोर्ट में विद्यार्थियों की गणित विषय में कमजोरी और परीक्षा की तैयारी में कमी को खराब परिणाम का कारण बताया है।
राजा यादव ने कहा कि जब विद्यार्थी नियमित रूप से महाविद्यालय में अध्ययन कर रहे थे, तो कमजोर विद्यार्थियों की पहचान कर उन्हें बेहतर तरीके से पढ़ाना और परीक्षा की तैयारी कराना संबंधित प्राध्यापक की भी जिम्मेदारी थी। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या सभी 44 विद्यार्थी बिना तैयारी के परीक्षा में शामिल हुए थे और यदि विद्यार्थी विषय में कमजोर थे, तो गणित के प्राध्यापक ने उन पर विशेष ध्यान क्यों नहीं दिया?
उन्होंने आरोप लगाया कि जांच रिपोर्ट में पूरी जिम्मेदारी विद्यार्थियों पर डाल दी गई है, जबकि संबंधित प्राध्यापक की भूमिका और शिक्षण व्यवस्था की कमियों पर कोई स्पष्ट टिप्पणी नहीं की गई। एनएसयूआई ने जांच रिपोर्ट का कड़ा विरोध करते हुए मामले की निष्पक्ष पुनः जांच और जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय करने की मांग की है।













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