राजनांदगांव , गढ़चिरौली पुलिस ने पोमके-फुलणार क्षेत्र में माओवादी होने का झूठा आभास देकर बैनर और पर्चे लगाकर दहशत फैलाने के मामले में छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस संबंध में पुलिस का कहना है कि नागरिकों में भय का माहौल बनाने की कोशिश करने वालों के खिलाफ लगातार दूसरी बार कार्रवाई की है।
पुलिस के अनुसार 25 जुलाई को पोमके-फुलणार से करीब 8 किलोमीटर दूर हिद्दुर-दोबुर मार्ग पर दो पेड़ों के बीच लाल रंग का बैनर और एक पोस्टर मिला था। उस पर लिखे संदेश का उद्देश्य लोगों में डर पैदा करना था। इस पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक एम. रमेश के निर्देश पर विशेष जांच शुरू की गई।
जांच के दौरान तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर से मिली जानकारी के आधार पर छह आरोपियों की पहचान की गई। गिरफ्तार आरोपियों में जोगा रैनु धुर्वा (40), मालु कांडे धुर्वा (42), दलसु मर्रा तेलामी (50), चैतु डूंगा धुर्वा (53), गणेश देवू आलामी (40) और राजेश दल्लु वड्डे (32) शामिल हैं। सभी आरोपी भामरागढ़ तहसील के विभिन्न गांवों के निवासी हैं। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), गैरकानूनी गतिविधि (निवारण) अधिनियम (यूएपीए) तथा महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। मामले में अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
माओवाद समाप्त, भ्रामक प्रचार के झांसे में न आएं पुलिस अधीक्षक एम. रमेश ने कहा कि गढ़चिरौली जिले में माओवाद पूरी तरह समाप्त हो चुका है और जिले में सक्रिय माओवादी नहीं बचे हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि नक्सल सप्ताह या माओवाद के नाम पर किसी भी तरह की अफवाह या भ्रामक प्रचार के झांसे में न आएं। यदि कोई व्यक्ति इस प्रकार का भय और दहशत फैलाने का प्रयास करेगा तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।







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