दुर्ग। जिला कलेक्टर एवं दण्डाधिकारी अभिजीत सिंह ने शनिवार को केन्द्रीय जेल दुर्ग का आकस्मिक निरीक्षण किया। जेल परिसर भ्रमण के दौरान उन्होंने कल्याण शाखा, उद्योग शाखा, जेल अस्पताल, कम्प्यूटर प्रशिक्षण/ एल.ई.डी. बल्ब उद्योग, नव निर्मित बैरक एवं अस्पताल भवन, पाकशाला, नवीन जेल, प्रिजनर कॉलिंग, एम.सी.यू. कक्ष, विडियो कॉन्फ्रेंसिंग कक्ष, मुलाकात कक्ष, निर्वाह शाखा, विधि शाखा, वारंट शाखा, लेखा शाखा, सी.सी.टी.वी. कक्ष तथा महिला प्रकोष्ठ का बारीकी से अवलोकन किया। वारंट शाखा में विचाराधीन एवं कैदी वारंटों का जायजा हुए उन्होंने विचाराधीन प्रकरणों में सुनवाई हेतु बंदियों की अधिक से अधिक पेशी वर्चुअल माध्यम से कराए जाने के निर्देश दिए।
कलेक्टर सिंह ने पीड़ित पक्ष की लंबित राशि भुगतान संबंधी जानकारी शीघ्र प्राप्त कर समिति प्रस्तुत करने तथा भुगतान शीघ्र सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जेल में नवनिर्मित भवनों (बैरक एवं निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने जेल द्वारा संचालित • गौशाला का भी अवलोकन किया। इस दौरान उप जेल अधीक्षक (उद्योग) अशोक कन्नौजिया निर्धारित समय पर उपस्थित नहीं मिले, जिस पर कलेक्टर ने नाराजगी जाहिर करते हुए उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान जेल में निरुद्ध पुरुष बंदी 2273 एवं महिला बंदी 134 (05 बच्चे सहित) लॉकअप में रहे। इस अवसर पर डिप्टी कलेक्टर सोनाल डेविड, एसडीएम दुर्ग शहर प्रफुल्ल कुमार गुप्ता एवं जेल अधीक्षक मनीष संभाकर उपस्थित रहे।

















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