बिलासपुर। बेटी की शादी के लिए पैसों की जरूरत में बैंक लोन लेने पहुंचे एक पिता को मदद का भरोसा दिलाकर ठग ने बड़ा नुकसान पहुंचा दिया। आरोपी ने पहले हमदर्दी दिखाई और फिर बैंक प्रक्रिया के नाम पर पीड़ित की चेकबुक, पासबुक और एटीएम कार्ड अपने कब्जे में ले लिया। इसके बाद फर्जी हस्ताक्षर कर उसके खाते से ढाई लाख रुपए निकाल लिए। मामले में मस्तूरी पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी रूपचंद मनहर (47) ग्राम सरगंवा का रहने वाला है। वह थाने का निगरानी बदमाश है और उसके खिलाफ पहले से एक दर्जन से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी ने योजनाबद्ध तरीके से पीड़ित को अपने झांसे में लिया और बैंक खाते से रकम पार कर दी। मामला ग्राम आंकडीह निवासी भुनेश्वर दास (44) से जुड़ा है। भुनेश्वर अपनी बेटी की शादी की तैयारियों के लिए आर्थिक मदद की तलाश में था। इसी दौरान तहसील कार्यालय में उसकी मुलाकात रूपचंद मनहर से हुई। बातचीत के दौरान रूपचंद ने खुद को मददगार बताते हुए उसे लोन दिलाने का भरोसा दिया।
आरोपी रूपचंद भुनेश्वर को एक्सिस बैंक की जयरामनगर शाखा लेकर गया। वहां जमीन के दस्तावेजों के आधार पर पीड़ित का 4.50 लाख रुपए का लोन स्वीकृत हो गया। लोन पास होने के बाद आरोपी ने बैंक वेरिफिकेशन और दस्तावेजों की जांच का बहाना बनाया। रूपचंद ने भुनेश्वर से उसकी पासबुक, चेकबुक और एटीएम कार्ड अपने पास रख लिए। पीड़ित को भरोसा था कि आरोपी बैंक की प्रक्रिया पूरी करने में उसकी मदद कर रहा है। इसी भरोसे का फायदा उठाते हुए आरोपी ने चेक पर फर्जी हस्ताक्षर किए और खाते से 2.50 लाख रुपए निकाल लिए।
भुनेश्वर को इस धोखाधड़ी की जानकारी तब हुई, जब वह बेटी की शादी की तैयारियों के लिए खाते से पैसे निकालने बैंक पहुंचा। खाते में रकम नहीं होने की जानकारी मिलने के बाद उसके होश उड़ गए। उसने बैंक से जानकारी जुटाई तो पता चला कि चेक के माध्यम से उसके खाते से बड़ी रकम निकाली गई है। इसके बाद पीड़ित ने मस्तूरी थाने पहुंचकर मामले की शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने जांच शुरू की। जांच में बैंक दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपी रूपचंद मनहर की भूमिका सामने आई।
पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें उसने धोखाधड़ी करना स्वीकार कर लिया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4), 336, 338, 340, 296 और 351(2) के तहत अपराध दर्ज किया है। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी पहले से ही आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहा है। साल 2025 से उसके खिलाफ थाने में गुंडा फाइल खोली गई है। उसके खिलाफ कई पुराने मामले दर्ज हैं। मस्तूरी पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि मामले की आगे जांच जारी है और आरोपी के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड की भी जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि बैंक से जुड़े दस्तावेज, एटीएम कार्ड और चेकबुक किसी भी अनजान व्यक्ति के भरोसे न सौंपें।
















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