मोहला : आदिवासी अंचलों में शिक्षा का विस्तार सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता -स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव

– स्कूल शिक्षा मंत्री यादव ने किया नवीन हाई स्कूल भवन का लोकार्पण

– आदिवासी अंचल के बच्चों को आधुनिक शिक्षा से जोड़ने पर जोर, स्मार्ट क्लास से लेकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी तक सुविधाएं बढ़ाने की घोषणा

          मोहला । विकासखंड मोहला के सुदूर एवं महाराष्ट्र सीमा से लगे ग्राम पंचायत भोजटोला में मंगलवार को स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने नवीन हाई स्कूल भवन का लोकार्पण किया। इस अवसर पर क्षेत्र के जनप्रतिनिधि, अधिकारी, शिक्षक, विद्यार्थी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
          आयोजित कार्यक्रम में स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव का आदिवासी परंपरा के अनुरूप मांदरी नृत्य एवं पारंपरिक स्वागत के साथ आत्मीय अभिनंदन किया गया। इसके पश्चात पूजा-अर्चना कर नवीन हाई स्कूल भवन का विधिवत उद्घाटन किया गया। मंत्री यादव ने विद्यालय भवन का निरीक्षण कर कक्षाओं, उपलब्ध सुविधाओं एवं विद्यार्थियों के लिए की गई व्यवस्थाओं की जानकारी ली।      
         कार्यक्रम को संबोधित करते हुए स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने कहा कि सरकार का उद्देश्य प्रदेश के दूरस्थ और आदिवासी अंचलों के बच्चों को भी शहरों जैसी गुणवत्तापूर्ण एवं आधुनिक शिक्षा उपलब्ध कराना है। भोजटोला जैसे सीमावर्ती क्षेत्र में नवीन हाई स्कूल भवन का शुरू होना क्षेत्र के विद्यार्थियों के लिए शिक्षा के बेहतर अवसरों की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में विद्यालयों को स्मार्ट क्लास एवं आधुनिक शिक्षण संसाधनों से उन्नत करने पर विशेष जोर दिया जाएगा, ताकि ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्र के विद्यार्थियों को डिजिटल माध्यम से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके।
         स्कूल शिक्षा मंत्री यादव ने कहा कि आदिवासी अंचलों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए शिक्षकों की उपलब्धता और बेहतर शैक्षणिक वातावरण को प्राथमिकता दी जाएगी। दूरस्थ क्षेत्रों में शिक्षक शिक्षा व्यवस्था की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी हैं। विद्यार्थियों को नियमित, गुणवत्तापूर्ण और मार्गदर्शक शिक्षण मिले, इसके लिए आवश्यक प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के बच्चों को केवल स्कूली शिक्षा तक सीमित नहीं रखना है, बल्कि उन्हें प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी से भी जोड़ना है। इसके लिए जिले में नालंदा परिसर जैसी अध्ययन एवं प्रतियोगी परीक्षा तैयारी की सुविधाओं को विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है, ताकि ग्रामीण एवं आदिवासी क्षेत्र के विद्यार्थी भी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर अपने सपनों को साकार कर सकें।
        स्कूल शिक्षा मंत्री यादव ने कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय एवं छात्रावास सुविधाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यार्थियों, विशेषकर बेटियों को बेहतर आवासीय एवं शैक्षणिक सुविधा उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। ऐसी संस्थाओं को सुदृढ़ कर विद्यार्थियों को सुरक्षित वातावरण में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि जिले के विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक अवसर उपलब्ध कराने के लिए केंद्रीय विद्यालय जैसी संस्थागत सुविधाओं के विस्तार की दिशा में भी प्रयास किए जा रहे हैं। इसका लाभ जिले के बच्चों को मिलेगा और उन्हें उच्च स्तरीय शैक्षणिक वातावरण प्राप्त होगा। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वे बड़े लक्ष्य निर्धारित करें, नियमित अध्ययन करें और उपलब्ध संसाधनों का अधिकतम उपयोग करें। उन्होंने कहा कि प्रतिभा किसी एक क्षेत्र या शहर तक सीमित नहीं होती। गांव और आदिवासी अंचल के बच्चों में भी आगे बढ़ने की पूरी क्षमता है, आवश्यकता केवल उन्हें सही अवसर, मार्गदर्शन और सुविधाएं उपलब्ध कराने की है।
          कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष नम्रता सिंह, जनपद पंचायत अध्यक्ष मोहला गेंद कुंवर ठाकुर, जनपद सदस्य रेनू टांडिया, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत उज्ज्वल पोरवाल, जनप्रतिनिधि दिलीप वर्मा, मदन साहू, अनिल गुप्ता सहित स्थानीय जनप्रतिनिधिगण, अधिकारी-कर्मचारी, शिक्षक एवं ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

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